The mystery of life and death : घर से निकलने का मतलब है ज़िंदगी में एक नया चैप्टर शुरू करना। हम सभी चाहते हैं कि हमारी यात्रा, काम या कोशिश सफल हो, इसलिए हम शकुन और अपशकुन पर ध्यान देते हैं। ऐसा ही एक ज़रूरी शकुन भारतीय संस्कृति में सदियों से बताया जाता रहा है: घर से निकलते समय किसी अनजान व्यक्ति (शवयात्रा) को देखना। कभी-कभी, जैसे ही हम किसी खास मकसद से घर से निकलते हैं, हमें किसी का अंतिम संस्कार या शव दिखाई देता है। तब मन में सवाल उठता है कि जिस काम के लिए जा रहे हैं, वह पूरा होगा या नहीं, या ये कोई अशुभ संकेत तो नहीं हैं… ऐसे सवालों के जवाब ज्योतिष और विज्ञान में मिलते हैं। दरअसल, शुकन शास्त्र में शुकन और अशुभ शुकन के बारे में ऐसी ही तमाम बातें बताई गई हैं।

The mystery of life and death : यह नज़ारा कई सवाल खड़े करता है – क्या यह शुभ है? क्या यह हमारी यात्रा में रुकावट डालेगा? क्या हमें वापस लौट जाना चाहिए? हम इस गहरे टॉपिक के हर पहलू को शास्त्रों, लोक मान्यताओं और मॉडर्न सोच की रोशनी में समझने की कोशिश करेंगे।
1.लोक मान्यताएँ: अच्छाई और बुराई का द्वंद्व
The mystery of life and death : नानामी के दर्शन को लेकर भारतीय संस्कृति में कई तरह की मान्यताएं प्रचलित हैं, जिनमें शुभ और अशुभ दोनों तरह के संकेत होते हैं। तरह-तरह की व्याख्याएं देखने को मिलती हैं।
A. अच्छी मान्यताएं: सांसारिक बंधनों से आज़ादी
The mystery of life and death : कई लोग नमी देखना शुभ मानते हैं। इस मान्यता के पीछे का लॉजिक धर्म और मोक्ष के सिद्धांतों से जुड़ा है:
कर्म बंधन का अंत: मृत्यु यह आत्मा की अंतिम गति और सांसारिक बंधनों से आज़ादी है। जब किसी मृत शरीर को ले जाया जाता है, तो यह दिखाता है कि आत्मा ने सफलतापूर्वक दुनिया छोड़ दी है। बंधन टूट गया है। यह दृश्य शुभता और सफलता का प्रतीक है।
काम में सफलता: लोककथाओं के अनुसार, सुबह घर से बाहर निकलते समय नमी को देखना ज़रूरी है। सफलता का संकेत देता है। ऐसा माना जाता है कि मृत्यु की अंतिम शांति आपके काम के क्षेत्र में भी शांति और सफलता लाएगी।
रुकावटों का दूर होना: कुछ इलाकों में इसे रुकावटों का नाश करने वाला माना जाता है। मृत्यु का दिखना यह बताता है कि जीवन की छोटी-मोटी रुकावटें और मुश्किलें खत्म हो गई हैं, और अब रास्ता आसान हो जाएगा।
पैसे का फायदा: आर्थिक नज़रिए से, कई जगहों पर यह माना जाता है कि ऐसा दृश्य देखने से धन की प्राप्ति होगी। अटका हुआ पैसा मिलने की संभावना होती है।
B. अशुभ मान्यताएं: बुरी किस्मत की निशानी
The mystery of life and death : दूसरी तरफ, कुछ लोग इस नज़ारे को अशुभ मानते हैं, खासकर तब जब यह काम पर जाते समय हो।
काम में नाकामी: बहुत से लोग मानते हैं कि सीलन देखने से शुरू किए गए काम में रुकावट आती है या काम फेल हो जाता है।
नेगेटिविटी का ट्रांसमिशन: मौत की घटना से जुड़ी नेगेटिव एनर्जी उस व्यक्ति पर असर डालती है, जो यह नज़ारा देखता है। वह पूरे दिन निराश या उदास महसूस कर सकता है।
ट्रिप कैंसिल करना: कुछ पुराने लोग सलाह देते हैं कि अगर सीलन दिखे तो काम पर न जाएं। बल्कि वापस आएं, पानी पिएं और कुछ देर बाद फिर से निकल जाएं।

2.शास्त्रीय और तार्किक दृष्टिकोण
The mystery of life and death : लोक मान्यताओं के आधार पर, भारतीय शास्त्र और दर्शन इस घटना को अलग-अलग तरीके से समझाते हैं।
A. गीता की शिक्षाएँ: त्याग की प्रेरणा
The mystery of life and death : भगवद् गीता के अनुसार, मृत्यु एक अटल सत्य है। आत्मा अमर है, और शरीर का अंत कपड़े बदलने जैसा है।
जीवन की नश्वरता को याद दिलाना: घर से निकलते समय नामी को देखना जीवन की नश्वरता की याद दिलाता है। याद दिलाता है। यह दृश्य व्यक्ति को अपने लक्ष्य और धर्म के प्रति अधिक सचेत और गंभीर बनाता है।
वैराग्य अध्ययन: यह दृश्य देखकर व्यक्ति को वैराग्य और वैराग्य की प्रेरणा मिलती है। वह समझता है कि भौतिक चीजों के पीछे भागना बेकार है। इस विचार से मन शांत हो जाता है, और शांत मन से किया गया काम अधिक सफल होता है।
B. तंत्र शास्त्र और शुकन का विज्ञान
The mystery of life and death : तंत्र शास्त्र और शुकन विद्या मौत को ‘ज़ीरो’ और ‘पूरा होना’ मानते हैं, जिससे नई शुरुआत के लिए जगह बनती है।
खालीपन और नया निर्माण: मौत आखिरी खालीपन है। इस खालीपन के बाद ही नया निर्माण मुमकिन है। इसलिए, नामी के दर्शन को पुराने पापों के खत्म होने और नई अच्छी शुरुआत का संकेत माना जाता है।
खुशी की ज़रूरत: शुकन शास्त्र में कहा गया है कि अगर शव को ले जाने वाले लोग शांति और विश्वास के साथ ‘राम नाम सत्य है’ बोल रहे हों, तो वह दर्शन पॉजिटिव माना जाता है।
C. साइकोलॉजिकल समझ
The mystery of life and death : साइकोलॉजी के नज़रिए से, इस घटना का मतलब पूरी तरह से इंसान के विचारों और सोच पर निर्भर करता है।
ध्यान का एकाग्र होना: अगर कोई इंसान नमी देखकर उसे अशुभ समझे और डर जाए, तो वह दिन भर अलर्ट रहेगा। नेगेटिविटी से भर जाएगा और इसीलिए वह फेल हो जाएगा।
शुक्रगुज़ारी की भावना: अगर कोई इंसान इस सिनेरियो को ज़िंदगी की सच्चाई मान ले, तो उसे अपनी ज़िंदगी के लिए शुक्रगुज़ारी की भावना महसूस होगी। अगर वह इसे महसूस करेगा, तो उसका मन शांत और पॉजिटिव हो जाएगा, जिससे काम में सफलता मिलेगी।
3.अगर घर से निकलते समय आपको नेमी दिखे तो क्या करें?

The mystery of life and death : चाहे आप इस स्थिति को शुभ मानें या अशुभ, उस समय मन की शांति बनाए रखना और सही व्यवहार करना सबसे ज़रूरी है। ज़रूरी है। नीचे दिए गए स्टेप्स शास्त्रों और लॉजिक पर आधारित हैं:
स्टेप 1: खड़े होकर प्रणाम करें
ज़रूरत: जब भी आपको सड़क पर नमी दिखे, तो तुरंत अपनी गाड़ी धीमी कर लें या रोक दें। रुकें।
कर्म: मृत शरीर को प्रणाम करके उसे प्रणाम करें। यह मृत आत्मा की शांति और उसके प्रति आपकी सहानुभूति दिखाता है। मान्यता के अनुसार, ऐसा करने से मृत व्यक्ति का आशीर्वाद मिलता है।
स्टेप 2: मंत्र का जाप और ध्यान करें
ज़रूरत: मन में किसी भी तरह के डर या नेगेटिविटी से बचने के लिए। मंत्र का जाप करें।
कर्म: ‘राम नाम सत्य है’ का जाप ज़ोर से नहीं, बल्कि मन में करें। इससे मौत का डर खत्म होता है और मन दिव्य ऊर्जा से भर जाता है।
ऑप्शनल मंत्र: आप अपने इष्टदेव का मंत्र (जेम के ओम नमः शिवाय या जय श्री कृष्ण) भी बोल सकते हैं।
स्टेप 3: पीछे मुड़ना है या आगे बढ़ना है? (तय करना)
अगर आपको अपशकुन पर विश्वास है: अगर आपको अपशकुन पर बहुत ज़्यादा विश्वास है और आपके मन में डर पैदा होता है, तो तुरंत पीछे मुड़ जाएं। घर में घुसें, हाथ-पैर धोएं, पानी पिएं और दो मिनट आंखें बंद करके बैठें। जब आपका मन शांत हो जाए, तभी फिर से अच्छे काम के लिए निकलें।
अगर आप लॉजिकली मानते हैं: अगर आप इस घटना को नॉर्मल मानते हैं, तो खड़े होकर प्रणाम करने के बाद, पॉजिटिविटी के साथ आगे बढ़ें। अपने मन में पक्का इरादा करें कि “यह सीन मुझे मेरे लक्ष्य की नश्वरता की याद दिलाता है, इसलिए मैं और ज़्यादा पक्के इरादे से काम करूंगा।”
स्टेप 4: दान का महत्व (सबसे अच्छा उपाय)
महत्व: धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मृत्यु के समय दान को बहुत पुण्य का काम माना जाता है।
कर्म: अगर हो सके तो अपने पास मौजूद पैसों में से कुछ सिक्के (जैसे एक या दो रुपये) बदल लें। इसे सड़क पर रख दें। यह काम मृत आत्मा और दुनिया के प्रति आपकी दानशीलता और समर्पण को दिखाता है, जो आपके काम में दिखता है। आने वाली रुकावटों को दूर करता है।
4.जीवन का अंतिम सत्य: मृत्यु केवल एक संकेत है

The mystery of life and death : इस घटना को अच्छा या बुरा मानने के बजाय, इसे ज़िंदगी की गहरी सच्चाई का इशारा मानना चाहिए।ऐसा माना जाता है कि शब या अंतिम संस्कार देखना आपको याद दिलाता है कि जीवन कुछ समय का है। यह दृश्य आपको अपने कामों को बेहतर बनाने, सच बोलने और दूसरों की मदद करने के लिए प्रेरित करता है। इसलिए, शास्त्र इसे डर नहीं, बल्कि आत्मनिरीक्षण का मौका मानते हैं। इसे जीवन की सच्चाई का एक पॉजिटिव प्रतीक भी माना जाता है, और ऐसा माना जाता है कि मरा हुआ व्यक्ति आपके दुख और तकलीफ को अपने साथ ले जाता है।
डर पर जीत: नामी के दर्शन से इंसान को मौत के डर पर जीत पाने का मौका मिलता है। जो इंसान मौत की सच्चाई को मान लेता है, वह निडर हो जाता है और ज़िंदगी में अपने लक्ष्य की ओर बढ़ता है।
समय की कीमत: यह सीन याद दिलाता है कि समय कम है। इसलिए, जो काम करने का मन बना लिया है, उसे पूरा करने में एक पल की भी देरी नहीं करनी चाहिए।
निष्कर्ष: समर्पण और कर्तव्य का संतुलन

The mystery of life and death : घर से निकलते समय नामी को देखना न तो बहुत शुभ है और न ही बहुत अशुभ। यह एक न्यूट्रल घटना है, जिसका नतीजा आपके मन और व्यवहार पर निर्भर करता है।
सम्मान: नामी को सम्मान दें और ‘राम नाम सत्य है’ कहकर शांति के लिए प्रार्थना करें।
त्याग: अपने मन से डर और नेगेटिविटी को त्याग दें।
कृतज्ञता: जीवन के लिए आभारी महसूस करें और पक्के इरादे के साथ अपने काम में आगे बढ़ें।
याद रखें, अच्छी या बुरी किस्मत से ज़्यादा आत्मविश्वास, कड़ी मेहनत और भगवान पर विश्वास ही आपके काम को तय करेगा। यही सफलता का असली कारण है।