Panchang 17 November 2025, सोमवार का पंचांग शुभ कार्यों की शुरुआत।

Panchang 17 November 2025, भारत में प्रतिदिन पंचांग देखने की परंपरा प्राचीन काल से चली आ रही है। तिथि, नक्षत्र, योग, करण, वार, सूर्योदय-सूर्यास्त, राहुकाल, शुभ मुहूर्त, चंद्र राशि जैसी जानकारियाँ हमारे दैनिक और धार्मिक निर्णयों का महत्वपूर्ण आधार मानी जाती हैं। 17 नवंबर 2025, सोमवार का दिन विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि आज सोम प्रदोष व्रत मनाया जा रहा है। यह दिन मार्गशीर्ष कृष्ण पक्ष त्रयोदशी का है और वाराणसी, उत्तर प्रदेश के अनुसार संपूर्ण विस्तृत पंचांग नीचे प्रस्तुत है।

हिंदू तिथि

Panchang 17 November 2025, हिंदू तिथि एक चंद्र दिवस या सूर्य और चंद्रमा के बीच अनुदैर्ध्य कोण द्वारा 12 डिग्री बढ़ने में लगने वाला समय है। इन चंद्र दिवसों की अवधि अलग-अलग हो सकती है और 21.5 घंटे से लेकर 26 घंटे तक हो सकती है।

वैदिक ज्योतिष के अनुसार, एक चंद्र मास में 30 तिथियाँ या पूर्णिमाएँ होती हैं। इन्हें आगे दो पक्षों या चंद्र चरणों में विभाजित किया गया है, जिन्हें “कृष्ण पक्ष” और “शुक्ल पक्ष” कहा जाता है। प्रत्येक पक्ष में 15 तिथियाँ होती हैं। महत्वपूर्ण हिंदू तिथियों, जो शुभ हैं, को जानकर आप अपने हर प्रयास में सफलता और खुशी प्राप्त करने के लिए सबसे अच्छा समय निर्धारित कर सकते हैं।

पंचांग के क्या लाभ हैं?

Panchang 17 November 2025, पंचांग एक पारंपरिक हिंदू कैलेंडर है जिसमें पांच अलग-अलग तत्व शामिल होते हैं: तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये तत्व दिन की ऊर्जा और जीवन शक्ति का प्रतीक हैं। पंचांग का उपयोग ब्रह्मांड के प्रभावों को समझने और उसके अनुसार अपने कार्यों की योजना बनाने के लिए किया जाता है। पंचांग का सबसे बड़ा लाभ यह है कि यह हमें शुभ और अशुभ समय का निर्धारण करने में मदद करता है। पंचांग हमें विवाह, यात्रा, नई नौकरी शुरू करने या किसी भी धार्मिक अनुष्ठान के लिए सही समय निर्धारित करने में मार्गदर्शन करता है। यह सूर्योदय, चंद्रोदय और चंद्रास्त के बारे में भी जानकारी प्रदान करता है, जो व्रत और पूजा के लिए आवश्यक हैं।

हमें प्रतिदिन पंचांग क्यों देखना चाहिए?

Panchang 17 November 2025, दैनिक पंचांग का उपयोग करके हम अपने दैनिक जीवन को प्रकृति के साथ सामंजस्य स्थापित कर सकते हैं। यह हमें राहुकाल, गुलिकाल और यमगंड जैसे अशुभ समय के बारे में बताता है, जब कोई नया काम शुरू नहीं करना चाहिए। पंचांग का पालन करके, हम त्रैमासिक दोषों से बच सकते हैं और अपने प्रयासों में सफलता प्राप्त कर सकते हैं। यह साधकों, ज्योतिषियों, किसानों, प्रकृति प्रेमियों और वैज्ञानिकों के लिए विशेष रूप से उपयोगी है। संक्षेप में, पंचांग एक ब्रह्मांडीय योजनाकार की तरह कार्य करता है, जो हमें एक विचारशील, सफल और आध्यात्मिक रूप से यथार्थवादी जीवन जीने में मदद करता है।

सोम प्रदोष व्रत | व्रत विधि, कथा, महत्व और पूजा का शुभ मुहूर्त

आज का पंचांग

सोम प्रदोष व्रत | व्रत विधि, कथा, महत्व और पूजा का शुभ मुहूर्त
आज का पंचांग 17 नवंबर 2025
दिन: सोमवार
तिथि: मार्गशीर्ष कृष्ण पक्ष त्रयोदशी
विक्रम संवत: 2082, कलयुक्त
शक संवत: 1947, विश्वावसु
पूर्णिमांत मास: मार्गशीर्ष
अमांत मास: कार्तिक
राशि: चंद्रमा रात्रि 3.35 बजे कन्या राशि तक, तत्पश्चात तुला राशि तक
त्यौहार: सोम प्रदोष व्रत, प्रदोष व्रत

सूर्योदय-सूर्यास्त और ग्रहों का विवरण

सूर्योदय: सुबह 6:20 बजे
सूर्यास्त: शाम 5:05 बजे
चंद्रोदय: सुबह 3:34 बजे
चंद्रास्त: दोपहर 3:11 बजे
सूर्य राशि: वृश्चिक
चंद्र राशि:
कन्या, दोपहर 03:35 बजे तक
तुला राशि के बाद

आज की तिथि, नक्षत्र, योग और करण
तिथि

कृष्ण पक्ष त्रयोदशी

प्रारंभ: 17 नवंबर – प्रातः 04:47 बजे
समाप्ति: 18 नवंबर – प्रातः 07:12 बजे

यह तिथि शिव पूजा, प्रदोष व्रत और पूजा के लिए अत्यंत शुभ मानी जाती है।

नक्षत्र

चित्रा नक्षत्र
प्रातः 02:11 बजे – प्रातः 05:01 बजे (17-18 नवंबर)
स्वाति नक्षत्र
प्रातः 05:01 बजे – प्रातः 07:59 बजे (18-19 नवंबर)

चित्रा नक्षत्र रचनात्मकता, सौंदर्य और शुभ शुरुआत का प्रतीक है, जबकि स्वाति स्वतंत्रता, गति और प्रगति का प्रतिनिधित्व करती है।

योग

प्रीति योग
सुबह 6:46 (16 नवंबर) – सुबह 7:22 (17 नवंबर)
आयुष्मान योग
सुबह 7:22 (17 नवंबर) – सुबह 8:08 (18 नवंबर)

आयुष्मान योग जीवन, आयु, स्वास्थ्य और ऊर्जा के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है।

करण

करने के लिए
सुबह 4:48 – शाम 5:59 (17 नवंबर)
व्यावसायीकरण
शाम 5:59 – सुबह 7:12 (18 नवंबर)

व्यावसायीकरण व्यापारियों के लिए लाभदायक रहेगा।

अशुभ समय

राहुकाल

सुबह 7:41 – सुबह 9:01
इस दौरान कोई भी नया काम, निवेश, यात्रा शुरू करना शुभ नहीं माना जाता है।

यमगंड

सुबह 10:22 – 11:42

गुलिक काल

दोपहर 1:03 – 2:23

दुरमुहूर्त

दोपहर 12:04 – 12:47
दोपहर 2:13 – 2:56

शुभ मुहूर्त

सुबह 11:08 – 12:55 शुभ समय, अभिजीत मुहूर्त

सुबह 11:21 – 12:04
यह दिन का सबसे उत्तम समय माना जाता है।

अमृत काल

रात 9:51 – 11:38

ब्रह्म मुहूर्त

सुबह 4:45 – 5:33
ध्यान, जप, साधना और अध्ययन के लिए सर्वोत्तम समय।

दिन का चौघड़िया

24 घंटे का समय
अमृत 06:20 पूर्वाह्न – 07:41 पूर्वाह्न
कल 07:41 पूर्वाह्न – 09:01 पूर्वाह्न
शुभ 09:01 पूर्वाह्न – 10:22 पूर्वाह्न
रोग 10:22 पूर्वाह्न – 11:42 पूर्वाह्न
उद्भव 11:42 पूर्वाह्न – 01:03 अपराह्न
चर 01:03 अपराह्न – 02:23 अपराह्न
लाभ 02:23 अपराह्न – 03:44 अपराह्न
अमृत 03:44 अपराह्न – 05:04 अपराह्न

Panchang 17 November 2025, अमृत, शुभ और लाभ का चौघड़िया अत्यंत शुभ माना जाता है।

चंद्र बलम

17 नवंबर दोपहर 03:35 बजे तक (चंद्रमा कन्या राशि में)

इन राशियों को चंद्र बल प्राप्त होगा:
मेष, कर्क, कन्या, वृश्चिक, धनु, मीन

दोपहर 03:35 बजे के बाद (चंद्रमा तुला राशि में)

चंद्र बल प्राप्त होगा:
मेष, वृष, सिंह, तुला, धनु, मकर

आज के शुभ योग

द्विपुष्कर योग प्रातः 02:11 – प्रातः 04:48 (चित्रा, रविवार, कृष्ण द्वादशी)
यह योग खरीदारी, नए कार्य या उद्घाटन के लिए शुभ माना जाता है।

आज का प्रमुख व्रत/पर्व

सोम प्रदोष व्रत

यह व्रत भगवान शिव को समर्पित है।
सोमवार को पड़ने वाला प्रदोष विशेष रूप से शुभ माना जाता है।

प्रदोष व्रत

Panchang 17 November 2025, शाम को शिव की पूजा, दीपदान और प्रार्थना अत्यंत फलदायी होती है।

महत्वपूर्ण ज्योतिषीय विवरण

विक्रम संवत: 2082, कलयुक्त
शक संवत: 1947, विश्वावसु
वैदिक ऋतु: शरद
ऋतु: हेमन्त
चंद्र मास: कार्तिक (अमांत), मार्गशीर्ष (पूर्णिमांत)

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आज की तिथि क्या है?

मार्गशीर्ष कृष्ण पक्ष त्रयोदशी।

आज कौन सा व्रत है?

सोम प्रदोष व्रत और प्रदोष व्रत।

राहुकाल कब है?

प्रातः 7:41 – 9:01

आज का शुभ मुहूर्त क्या है?

अभिजीत मुहूर्त – प्रातः 11:21 – दोपहर 12:04

आज चंद्रमा किस राशि में है?

दोपहर 3:35 बजे तक कन्या, फिर तुला।

(डिस्क्लेमर: विभिन्न स्थानों के अनुसार सूर्योदय और चंद्रोदय समय में थोड़ा अंतर हो सकता है।यह लेख धार्मिक मान्यताओं और ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित है। इसे किसी प्रकार की विधिक या ज्योतिषीय सलाह के रूप में न लें।यह ज़रूरी है कि किसी भी जानकारी या विश्वास को लागू करने से पहले, व्यक्तिगत एक्सपर्ट की सलाह ज़रूर ली जाए।)

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