
Panchang 15 November 2025, शनिवार ज्योतिषीय दृष्टि से अत्यंत विशेष माना जाता है। आज मार्गशीर्ष मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि है, जो भगवान विष्णु की पूजा के लिए सर्वोत्तम मानी जाती है। इस दिन व्रत, उपवास और पूजा-पाठ करने से न केवल मानसिक शांति मिलती है, बल्कि जीवन के सभी क्षेत्रों में सकारात्मक ऊर्जा का संचार भी होता है। अजवायन का दिन चंद्रमा के कन्या राशि में संचार के कारण व्यवस्थित सोच, कार्यकुशलता और निर्णय लेने की क्षमता को मजबूत करता है। वहीं दूसरी ओर सूर्य तुला राशि में स्थित है, जो व्यक्ति के भीतर संतुलन, सामंजस्य और सौंदर्य की भावना विकसित करता है। शनिवार शनिदेव को समर्पित है, इसलिए आज का दिन कर्म, अनुशासन और धैर्य का प्रतीक है। इस दिन तेल दान, शनि मंत्र का जाप या गरीबों की सेवा करने वाले व्यक्ति को विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है।
Panchang 15 November 2025, आज पंचांग में विष्कुंभ योग और व्रत-योग का संयोग बन रहा है, जिससे यह दिन साधना और आत्मचिंतन के लिए अत्यंत उपयुक्त है। अभिजीत मुहूर्त (सुबह 11:20 से दोपहर 12:04 बजे तक) दिन का सबसे शुभ समय माना जाता है, जिसमें आरंभ किए गए कार्य सफलता की ओर अग्रसर होते हैं। कुल मिलाकर, 15 नवंबर 2025 का यह दिन धार्मिक भक्ति, मनोबल और आत्म-विकास का प्रतीक है – जो सभी राशियों के जातकों को कर्म और भक्ति दोनों में संतुलन बनाने के लिए प्रेरित करता है।

आज का पंचांग
तिथि: मार्गशीर्ष कृष्ण पक्ष एकादशी (02:37 AM तक), तत्पश्चात द्वादशी प्रारम्भ
वार: शनिवार
नक्षत्र: उत्तर फाल्गुनी (रात 11:34 बजे तक), उसके बाद हस्त नक्षत्र
योग: वैधृति (सुबह 06:25 बजे तक), इसके बाद विष्कुंभ योग
करण: बव (दोपहर 01:40 बजे तक), फिर बालव (02:37 बजे तक), फिर कौलव।
अयन: दक्षिणायन
ऋतु: हेमन्त
विक्रम संवत्: 2082 (कलयुक्त)
शक संवत: 1947 (विश्वावसु संवत्सर)
सूर्य राशि: तुला
चंद्र राशि: कन्या
सूर्य और चंद्रमा का समय
घटक समय
सूर्योदय सुबह 6:19 बजे
सूर्यास्त शाम 5:05 बजे
चंद्रोदय सुबह 1:51 बजे
चंद्रास्त दोपहर 2:13 बजे
शुभ और अशुभ योग
प्रकार विवरण
प्रातः 06:25 बजे तक वैधृति योग — यह योग कार्य में विलंब और उलझन पैदा कर सकता है।
प्रातः 06:25 बजे के बाद विष्कुंभ योग — यह योग निर्णय लेने में सावधानी बरतने की आवश्यकता दर्शाता है।
16 नवंबर प्रातः 06:20 बजे से 17 नवंबर प्रातः 02:10 बजे तक अमृत सिद्धि योग (हस्त नक्षत्र और रविवार)
16 नवंबर प्रातः 06:20 बजे से 17 नवंबर प्रातः 02:10 बजे तक सर्वार्थ सिद्धि योग (हस्त नक्षत्र और रविवार)

आज का व्रत एवं त्यौहार
Panchang 15 November 2025,यर्वण एकादशी व्रत
मार्गशीर्ष कृष्ण पक्ष की एकादशी को वरणा एकादशी कहते हैं। यह व्रत भगवान विष्णु को समर्पित है। इस दिन व्रत और भक्ति करने से व्यक्ति को पापों से मुक्ति और मोक्ष की प्राप्ति होती है।
व्रत पारण द्वादशी तिथि (16 नवंबर प्रातः 2:37 बजे से) को किया जाएगा।
इस व्रत का विशेष महत्व है – इसे सभी एकादशियों में प्रथम माना जाता है।
राहुकाल, यमगंड, गुलिक काल पंचांग
समय का प्रभाव
राहु काल 09:00 पूर्वाह्न – 10:21 पूर्वाह्न अशुभ, नये कार्यों से बचे
यमगंडा काल 1:03 अपराह्न – 2:24 अपराह्न महत्वपूर्ण निर्णय लेने से बचें
गुलिक काल 6:19 पूर्वाह्न – 7:40 पूर्वाह्न धन से संबंधित निर्णय स्थगित करें
दुर्मुहूर्त 07:45 पूर्वाह्न – 08:28 पूर्वाह्न शुभ कार्यों से बचें
प्रातः 05:12 से प्रातः 06:57 के बीच यात्रा या लेन-देन से बचें
शुभ मुहूर्त
समय महत्वपूर्ण है
अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:20 – दोपहर 12:04 सर्वोत्तम शुभ मुहूर्त
अमृत काल दोपहर 3:40 – शाम 5:25 सफलता और समृद्धि के लिए सर्वोत्तम
ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4:43 – सुबह 5:31 साधना, जप और ध्यान के लिए सर्वोत्तम
दिन का चौघड़िया
समय नाम फल
06:19 – 07:40 काल अशुभ
07:40 – 09:00 शुभ उत्तम
09:00 – 10:21 रोग अशुभ
10:21 – 11:42 उत्साह सामान्य
11:42 – 13:03 परिवर्तनशील लाभकारी
13:03 – 14:24 लाभ अत्यंत शुभ
14:24 – 15:44 अमृत अत्यंत शुभ
15:44 – 17:05 कल अशुभ
चंद्रमा की स्थिति और राशिफल
Panchang 15 November 2025,आज चंद्रमा कन्या राशि में गोचर कर रहा है।
इस स्थिति में जातक व्यावहारिक, संगठित और चिंतनशील होता है।
मेष, कर्क, कन्या, वृश्चिक, धनु और मीन राशि वालों के लिए आज चंद्र बल शुभ रहेगा।
मानसिक स्थिरता और निर्णय लेने की क्षमता में वृद्धि होने की संभावना है।
दैनिक ग्रह स्थिति और प्रभाव
तुला राशि में सूर्य: इस समय कार्यक्षेत्र में थोड़ा संतुलन बनाना ज़रूरी है।
कन्या राशि में चंद्रमा: कार्य योजनाओं पर ध्यान और व्यावहारिक दृष्टिकोण बढ़ेगा।
कुंभ राशि में शनि: कर्म के प्रति समर्पण से सफलता संभव है।
वृषभ राशि में गुरु: आर्थिक उन्नति के योग बनेंगे।
शुभ कार्यों के लिए सुझाव
Panchang 15 November 2025,विवाह, गृह प्रवेश या नई शुरुआत अभिजीत मुहूर्त या अमृत काल में करें। राहुकाल और यमगंड काल में कोई भी बड़ा निर्णय न लें।
भगवान विष्णु की पूजा और ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ मंत्र का जाप विशेष फलदायी रहेगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रश्न 1. 15 नवंबर 2025 को कौन सा व्रत है?
इस दिन भगवान विष्णु को समर्पित एकादशी व्रत है।
प्रश्न 2. आज राहुकाल क्या है? 👉 राहुकाल सुबह 9:00 बजे से 10:21 बजे तक रहेगा।
प्रश्न 3. क्या आज कोई शुभ योग बन रहा है?
आज विष्कुंभ योग रहेगा। अगले दिन अमृतसिद्धि और सर्वार्थसिद्धि योग बनेगा।
प्रश्न 4. आज चंद्रमा किस राशि में है?
चंद्रमा कन्या राशि में गोचर कर रहा है।
प्रश्न 5. किन राशियों के लिए दिन शुभ है?
मेष, कर्क, कन्या, वृश्चिक, धनु और मीन राशि वालों के लिए दिन अनुकूल है।
(डिस्क्लेमर: विभिन्न स्थानों के अनुसार सूर्योदय और चंद्रोदय समय में थोड़ा अंतर हो सकता है।यह लेख धार्मिक मान्यताओं और ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित है। इसे किसी प्रकार की विधिक या ज्योतिषीय सलाह के रूप में न लें।यह ज़रूरी है कि किसी भी जानकारी या विश्वास को लागू करने से पहले, व्यक्तिगत एक्सपर्ट की सलाह ज़रूर ली जाए।)