Panchang 12 November 2025, बुधवार का पंचांग शुभ कार्यों की शुरुआत।

Panchang 12 November 2025, पंचांग हिंदू धर्म में प्रत्येक तिथि और नक्षत्र का गहरा धार्मिक और ज्योतिषीय महत्व है। 12 नवंबर 2025, बुधवार का दिन विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि इस दिन कालाष्टमी, बुधाष्टमी व्रत और कालभैरव जयंती का पावन पर्व मनाया जाएगा। यह तिथि भगवान शिव के उग्र स्वरूप भगवान कालभैरव को समर्पित मानी जाती है। मार्गशीर्ष कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि आज शाम तक रहेगी और इसके बाद नवमी तिथि प्रारंभ होगी। इस दिन चंद्रमा कर्क राशि में रहेगा और शाम 6:35 बजे के बाद सिंह राशि में प्रवेश करेगा, जो परिवर्तन, नेतृत्व और नई शुरुआत का संकेत है।

बुधवार का स्वामी बुध ग्रह है जो बुद्धि, व्यापार, संचार और सफलता का प्रतीक है। इसी कारण यह दिन व्यावसायिक कार्यों, शिक्षा और नई योजनाओं के शुभारंभ के लिए शुभ माना जाता है। आज का दिन कालभैरव पूजा, मंत्र जप या रुद्राभिषेक करने वालों के लिए भी विशेष फलदायी रहेगा। साथ ही, आज शुक्ल योग के बाद ब्रह्म योग का संयोग भी है – एक ऐसा योग जो विद्या, आध्यात्मिक ज्ञान और रचनात्मकता को बढ़ाता है।

आइए जानते हैं — आज के दिन का पूर्ण पंचांग, ​​शुभ मुहूर्त, राहुकाल, योग, नक्षत्र, चंद्रबल और आज के उपाय विस्तार से

पंचांग के क्या लाभ हैं?

Panchang 12 November 2025,पंचांग एक पारंपरिक हिंदू कैलेंडर है जो पाँच विशेष तत्वों को एक साथ लाता है: तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये तत्व मिलकर दिन की ऊर्जा और जीवन शक्ति को निर्धारित करते हैं। पंचांग का उपयोग ब्रह्मांडीय प्रभाव को समझने और उसके अनुसार अपने कार्यों की योजना बनाने के लिए किया जाता है।

पंचांग का सबसे बड़ा लाभ यह है कि यह हमें शुभ और अशुभ समय का निर्धारण करने में मदद करता है। पंचांग हमें विवाह, यात्रा, नया काम शुरू करने या धार्मिक अनुष्ठान करने के लिए सही समय निर्धारित करने में मार्गदर्शन करता है। यह सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय और चंद्रास्त के बारे में भी जानकारी प्रदान करता है, जो व्रत और पूजा के लिए आवश्यक हैं।

हमें प्रतिदिन पंचांग क्यों देखना चाहिए?

Panchang 12 November 2025,प्रतिदिन पंचांग देखने से हम अपने दैनिक जीवन को प्रकृति के अनुसार ढाल सकते हैं। यह हमें राहुकाल, गुलिकाकाल और यमगंड जैसे अशुभ समयों के बारे में बताता है, जब कोई नया कार्य नहीं करना चाहिए।

पंचांग का पालन करके, हम व्यर्थ की रणनीतियों से बच सकते हैं और अपने प्रयासों में सफलता बढ़ा सकते हैं। यह साधकों, ज्योतिषियों, किसानों और प्रकृति के साथ सामंजस्य बिठाकर रहने वालों के लिए विशेष रूप से उपयोगी है। संक्षेप में, पंचांग एक ब्रह्मांडीय योजनाकार की तरह काम करता है, जो हमें एक विचारशील, सफल और आध्यात्मिक रूप से संतुलित जीवन जीने में मदद करता है।

आज का पंचांग (पंचांग 12 नवंबर 2025)

वार: बुधवार
तिथि: मार्गशीर्ष कृष्ण पक्ष अष्टमी
चंद्र राशि: कर्क (शाम 6:35 बजे तक) उसके बाद सिंह राशि
सूर्य राशि: तुला
त्यौहार: कालाष्टमी, बुधाष्टमी व्रत, कालभैरव जयंती
ऋतु: हेमन्त
अयन: दक्षिणायन

सूर्य और चंद्रमा का समय

सूर्योदय: प्रातः 06:17 बजे
सूर्यास्त: सायं 05:07 बजे
चंद्रोदय: 12:02 पूर्वाह्न (13 नवंबर)
चंद्रोदय: दोपहर 12:39 बजे पंचांग 12 नवंबर 2025

मुख्य तिथि, नक्षत्र एवं योग विवरण

विवरण समय/अवधि
अष्टमी तिथि 11 नवंबर 11:09 अपराह्न – 12 नवंबर 10:58 अपराह्न
नवमी तिथि प्रारंभ 12 नवंबर रात 10:58 बजे से 13 नवंबर रात 11:34 बजे तक
नक्षत्र आश्लेषा – 11 नवंबर शाम 6:18 बजे – 12 नवंबर शाम 6:35 बजे मघा – 12 नवंबर शाम 6:35 बजे – 13 नवंबर शाम 7:38 बजे
योग शुक्ल- 11 नवंबर सुबह 9:44 बजे- 12 नवंबर सुबह 8:02 बजे ब्रह्मा- 12 नवंबर सुबह 8:02 बजे- 13 नवंबर सुबह 6:57 बजे
करण बालव – 11 नवंबर रात 11:09 बजे – 12 नवंबर सुबह 10:58 बजे कौलव – सुबह 10:58 बजे – रात 10:58 बजे तैतिल – रात 10:58 बजे – 13 नवंबर सुबह 11:11 बजे

विशेष योग और शुभ मुहूर्त

अमृत काल: शाम 4:58 – शाम 6:35
ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:41 – सुबह 5:29
सर्वार्थ सिद्धि योग (पिछले दिन से प्रभावी): आश्लेषा नक्षत्र और मंगलवार का संयोग लाभकारी

ब्रह्म योग आज पूरे दिन ज्ञान, अध्ययन और शोध के लिए विशेष फलदायी रहेगा।

अशुभ काल (राहु काल, यमगंड, कुलिक काल)

भूतकाल
राहुकाल सुबह 11:42 – दोपहर 01:03
यमगंड सुबह 07:38 – सुबह 08:59
कुलिक काल सुबह 10:20 – सुबह 11:42
दुरमुहूर्त सुबह 11:20 – दोपहर 12:03
सामान्यतः सुबह 07:15 – सुबह 08:52

शुभ कार्यों के लिए, खासकर पूजा या यात्रा शुरू करते समय, इन समयों से बचें।

चंद्र राशि पर प्रभाव

Panchang 12 November 2025,दिन के पहले भाग में चंद्रमा कर्क राशि में रहेगा – जिससे मानसिक शांति, पारिवारिक सुख और संवेदनशीलता में वृद्धि होगी।
शाम 6:35 के बाद चंद्रमा सिंह राशि में प्रवेश करेगा – जिससे आत्मविश्वास, आकर्षण और नेतृत्व क्षमता में वृद्धि होगी।

चंद्रबल राशि (सुबह से शाम 6:35 बजे तक):

वृष, कर्क, कन्या, तुला, मकर और कुंभ

चंद्र राशियाँ (शाम 6:35 के बाद):

मिथुन, सिंह, तुला, वृश्चिक, कुंभ और मीन

आज का धार्मिक उत्सव

Panchang 12 November 2025,कालाष्टमी: भगवान कालभैरव की पूजा का दिन। इस दिन भक्त रात्रि जागरण करते हैं और शिव मंदिरों में पूजा-अर्चना करते हैं।
बुधष्टमी व्रत: बुध की कृपा प्राप्त करने के लिए किया जाने वाला व्रत।
कालभैरव जयंती: भगवान शिव के कालभैरव स्वरूप की प्रकट तिथि। इस दिन “ॐ कालभारवाय नमः” मंत्र का जाप विशेष फलदायी होता है।

आज का शुभ उपाय

भगवान कालभैरव को काले तिल, सरसों का तेल और जल अर्पित करें।
शाम को दक्षिण दिशा की ओर मुख करके दीपक जलाएँ।
हनुमान चालीसा या रुद्राष्टक का पाठ करें।
घर में सुगंधित धूप जलाने से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है।

ये उपाय विनाश और सफलता के द्वार खोलते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न 1. 12 नवंबर 2025 को कौन-कौन से व्रत हैं?
आज कालाष्टमी, बुधाष्टमी और कालभैरव जयंती का त्योहार मनाया जाएगा.

प्रश्न 2. आज कौन सा शुभ योग बन रहा है?
प्रातः शुक्ल योग और उसके बाद ब्रह्म योग रहेगा।

प्रश्न 3. आज राहुकाल का समय क्या है?
प्रातः 11:42 से दोपहर 01:03 बजे तक।

प्रश्न 4. आज किन राशियों को चंद्रबल मिलेगा?
वृषभ, कन्या, तुला, मकर और कुंभ राशि वालों को सुबह कर्क राशि से लाभ होगा; शाम को सिंह, वृश्चिक और मीन राशि वालों को चंद्रबल प्राप्त होगा।

प्रश्न 5. क्या यह दिन पूजा और उपवास के लिए शुभ है?
जी हां, विशेषकर कालभैरव की पूजा और बुधाष्टमी व्रत के लिए बहुत अच्छा दिन है।

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