Panchang 10 November 2025, सोमवार का पंचांग शुभ कार्यों की शुरुआत।

Panchang 10 November 2025, हिंदू धर्म में पंचांग दैनिक जीवन का एक अभिन्न अंग है। यह हमें बताता है कि दिन का कौन सा समय शुभ है और किस समय हमें महत्वपूर्ण कार्यों से बचना चाहिए। 10 नवंबर 2025, सोमवार मार्गशीर्ष कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि से आरंभ होकर सप्तमी तिथि तक रहेगा। इस दिन चंद्रमा मिथुन राशि से कर्क राशि में प्रवेश करेगा और पुष्य नक्षत्र से युति करेगा, जो अपने आप में अत्यंत शुभ माना जाता है। आइए जानते हैं आज के पंचांग के सभी महत्वपूर्ण योग, मुहूर्त, राहुकाल और ग्रह स्थितियों का विस्तृत विश्लेषण।

पंचांग के क्या फायदे हैं?

Panchang 10 November 2025, पंचांग एक पारंपरिक हिंदू कैलेंडर है जो पांच खास एलिमेंट्स को एक साथ लाता है: तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये एलिमेंट्स मिलकर दिन की एनर्जी और ऊर्जा तय करते हैं। पंचांग का इस्तेमाल कॉस्मिक असर को समझने और उसके हिसाब से अपने कामों की प्लानिंग करने के लिए किया जाता है।

पंचांग का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह हमें शुभ और अशुभ समय तय करने में मदद करता है। पंचांग हमें शादी, यात्रा, नया काम शुरू करने या धार्मिक रस्में करने के लिए सही समय तय करने में गाइड करता है। यह सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय और चंद्रास्त के बारे में भी जानकारी देता है, जो व्रत और पूजा के लिए ज़रूरी हैं।

हमें रोज़ाना पंचांग क्यों देखना चाहिए?

Panchang 10 November 2025, रोज़ाना पंचांग देखकर, हम अपनी रोज़मर्रा की ज़िंदगी को प्रकृति के हिसाब से ढाल सकते हैं। यह हमें राहुकाल, गुलिकाकाल और यमगंड जैसे अशुभ समय के बारे में बताता है, जब कोई नया काम नहीं करना चाहिए।

पंचांग को फॉलो करके, हम फालतू की स्ट्रेटेजी से बच सकते हैं और अपनी कोशिशों में सफलता बढ़ा सकते हैं। यह खास तौर पर साधकों, ज्योतिषियों, किसानों और प्रकृति के साथ तालमेल बिठाकर रहने वालों के लिए उपयोगी है। संक्षेप में, पंचांग एक कॉस्मिक प्लानर की तरह काम करता है, जो हमें एक सोच-समझकर, सफल और आध्यात्मिक रूप से संतुलित जीवन जीने में मदद करता है।

आज का पंचांग (पंचांग 10 नवंबर 2025)

दिनांक: 10 नवंबर 2025 (सोमवार)
विक्रम संवत: 2082 (कलयुक्त संवत्सर)
शक संवत: 1947 (विश्वावसु संवत्सर)
अयन: दक्षिणायन
ऋतु: हेमन्त
वैदिक ऋतु: शरद
पूर्णिमांत मास: मार्गशीर्ष
अमांत मास: कार्तिक

तिथि विवरण

कृष्ण पक्ष षष्ठी: 9 नवंबर प्रातः 1:55 से 11 नवंबर प्रातः 12:08 तक
कृष्ण पक्ष सप्तमी: 11 नवंबर प्रातः 12:08 से 11 नवंबर रात्रि 11:09 तक

Panchang 10 November 2025, षष्ठी तिथि भगवान कार्तिकेय और देवी पार्वती की पूजा के लिए सर्वोत्तम मानी जाती है। इस दिन संतान की दीर्घायु और परिवार की सुख-समृद्धि के लिए व्रत रखा जा सकता है। पंचांग 10 नवंबर 2025

नक्षत्र

पुनर्वसु नक्षत्र: 9 नवंबर, शाम 8:04 बजे से 10 नवंबर, शाम 6:48 बजे तक
पुष्य नक्षत्र: 10 नवंबर, शाम 6:48 बजे से 11 नवंबर, शाम 6:18 बजे तक

Panchang 10 November 2025, पुष्य नक्षत्र में किया गया हर काम सफल माना जाता है। इस नक्षत्र में गृह प्रवेश, व्यापार आरंभ, आभूषण या वाहन खरीदना शुभ फल देता है।

योग

साध्य योग: 9 नवंबर दोपहर 3:02 बजे से 10 नवंबर दोपहर 12:04 बजे तक
शुभ योग: 10 नवंबर दोपहर 12:04 बजे से 11 नवंबर सुबह 9:44 बजे तक

Panchang 10 November 2025, शुभ योग का समय मांगलिक कार्यों, पूजा-अर्चना और यात्रा के लिए विशेष रूप से उत्तम है।

करण

कब: 10 नवंबर प्रातः 1:55 – दोपहर 12:56
व्यावसायीकरण: 10 नवंबर दोपहर 12:56 – 11 नवंबर प्रातः 12:08
व्यावसायीकरण: 11 नवंबर प्रातः 12:08 – 11:32

व्यावसायीकरण को धन प्राप्ति और व्यापार विस्तार के लिए विशेष रूप से शुभ माना जाता है।

सूर्य और चंद्रमा का समय

सूर्योदय: सुबह 6:15 बजे
सूर्यास्त: शाम 5:07 बजे
चंद्रोदय: रात 9:59 बजे
अमावस्या: दोपहर 12:00 बजे

Panchang 10 November 2025, सूर्य तुला राशि में और चंद्रमा मिथुन राशि में कर्क राशि में गोचर करेगा। चंद्रमा का कर्क राशि में प्रवेश मानसिक शांति और पारिवारिक सौहार्द में वृद्धि करता है।

शुभ मुहूर्त

अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:20 – दोपहर 12:03
अमृत काल: शाम 4:30 – शाम 6:01
ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:40 – सुबह 5:28

इस समय में पूजा-पाठ, नया काम शुरू करना, निवेश करना या यात्रा करना बहुत फलदायी रहेगा।

अशुभ समय

राहुकाल: सुबह 7:37 – 8:58
यमगंड काल: सुबह 10:20 – 11:41
गुलिक काल: दोपहर 1:03 – 2:24
दुर्मुहूर्त: दोपहर 12:03 – 12:46, दोपहर 2:13 – 2:57

इस दौरान कोई भी नया काम शुरू करने से बचें।

आनंदादि योग

ध्रुम योग: शाम 06:48 बजे तक
प्रजापति (धाता): दिन के देवता

चंद्र राशि

मिथुन राशि दोपहर 01:03 बजे तक
कर्क राशि के बाद

10 नवंबर दोपहर 1:03 बजे तक चंद्र बल राशि:
मेष, मिथुन, सिंह, कन्या, धनु, मकर

इसके बाद:
वृषभ, कर्क, कन्या, तुला, मकर, कुंभ

दिन चौघड़िया

काल फल समय
अमृत सुबह 6:15 – सुबह 7:37 अत्यंत शुभ
कल सुबह 7:37 – सुबह 8:58 अशुभ
शुभ सुबह 8:58 – सुबह 10:20 शुभ
रोग सुबह 10:20 – सुबह 11:41 हानिकारक
चिंता सुबह 11:41 – दोपहर 1:03 चिंता कारक
चर दोपहर 1:03 – दोपहर 2:24 सामान्य शुभ
लाभदायक दोपहर 2:24 – दोपहर 3:46 लाभदायक
अमृत दोपहर 3:46 – शाम 5:07 अत्यंत शुभ

सर्वार्थसिद्धि योग

10 नवंबर शाम 6:48 से 11 नवंबर सुबह 6:16 तक —
पुष्य नक्षत्र और सोमवार के संयोग से यह योग बन रहा है, जो सभी कार्यों में सफलता और मनोवांछित फल प्रदान करता है।

आध्यात्मिक महत्व

सोमवार भगवान शिव को समर्पित दिन माना जाता है। चूँकि आज सोमवार को पुष्य नक्षत्र है, इसलिए यह दिन शिव-पूजन, जलाभिषेक और शिव मंत्रों के जाप के लिए विशेष रूप से शुभ है। इस दिन “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का 108 बार जाप करने से अत्यंत शुभ फल प्राप्त होते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न 1. 10 नवंबर 2025 को कौन सी तिथि है?
कृष्ण पक्ष षष्ठी तिथि रात्रि 12:08 बजे तक रहेगी, उसके बाद सप्तमी तिथि प्रारंभ होगी।

प्रश्न 2. आज का नक्षत्र क्या है?
पुनर्वसु नक्षत्र शाम 06:48 बजे तक रहेगा, उसके बाद पुष्य नक्षत्र प्रारंभ होगा।

प्रश्न 3. आज का राहुकाल क्या है?
सुबह 7:37 बजे से 8:58 बजे तक रहेगा।

प्रश्न 4. आज का शुभ मुहूर्त क्या है?
अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:20 बजे से दोपहर 12:03 बजे तक रहेगा जो सबसे शुभ है।

प्रश्न 5. आज चंद्रमा किस राशि में है?
यह दोपहर 1:03 बजे तक मिथुन और फिर कर्क राशि में प्रवेश करेगा।

(डिस्क्लेमर: विभिन्न स्थानों के अनुसार सूर्योदय और चंद्रोदय समय में थोड़ा अंतर हो सकता है।यह लेख धार्मिक मान्यताओं और ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित है। इसे किसी प्रकार की विधिक या ज्योतिषीय सलाह के रूप में न लें।यह ज़रूरी है कि किसी भी जानकारी या विश्वास को लागू करने से पहले, व्यक्तिगत एक्सपर्ट की सलाह ज़रूर ली जाए।)

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