Panchang 02 December 2025 : हिंदू पंचांग को वैदिक पंचांग के नाम से जाना जाता है। पंचांग के ज़रिए समय और समय की सही गणना की जाती है। पंचांग में मुख्य रूप से पाँच भाग होते हैं। ये पाँच अंग हैं तिथि, नक्षत्र, वार, योग और करण। यहाँ हम आपको दैनिक पंचांग में शुभ मुहूर्त, राहुकाल, सूर्योदय और सूर्यास्त का समय, तिथि, करण, नक्षत्र, सूर्य और चंद्रमा ग्रहों की स्थिति, हिंदू महीने और पक्ष आदि के बारे में जानकारी देते हैं। आइए जानते हैं आज का शुभ समय और राहुकाल का समय।
आज द्वादशी है – 03:57 PM, आज मंगलवार है। अगर आप कोई शुभ काम करना चाहते हैं, तो राहुकाल का समय ध्यान रखें, इस समय कोई भी शुभ काम न करें। आज राहुकाल 02:47 PM से 04:06 PM तक रहेगा। अगर नक्षत्रों की बात करें तो आज अश्विनी – 08:51 pm तक का योग है। चंद्रमा आज मेष राशि में गोचर करेगा। आज सूर्योदय 06:57 AM और सूर्यास्त 05:24 PM पर होगा।

पंचांग की पंचान तिथि
Panchang 02 December 2025 : हिंदू काल गणना (हिंदू कैलेंडर) के अनुसार, सूर्य रेखांक से चंद्र रेखांक तक बारह डिग्री ऊपर जाने में जो समय लगता है, उसे तिथि कहते हैं। एक महीने में 30 तिथियां होती हैं। और इन तिथियों को 2 हिस्सों में बांटा गया है। शुक्ल पक्ष की आखिरी तिथि को पूर्णिमा और कृष्ण पक्ष की आखिरी तिथि को अमावस्या कहते हैं। तिथियों के नाम प्रतिपदा, द्वितीया, तृतीया, चतुर्थी, पंचमी, षष्ठी, सप्तमी, अष्टमी, नवमी, दशमी, एकादशी, द्वादशी, त्रयोदशी, चतुर्दशी, अमावस्या / पूर्णिमा।
विक्रम संवत – 2082, कालयुक्त
शक संवत – 1947, विश्वावसु
पूर्णिमांत – अग्रहायण
अमांत महीना – अग्रहायण
तिथि
शुक्ल पक्ष द्वादशी – Dec 01 07:01 PM – Dec 02 03:57 PM
शुक्ल पक्ष त्रयोदशी – Dec 02 03:57 PM – Dec 03 12:26 PM
नक्षत्र
आकाश में तारों के समूह को 27 नक्षत्र कहते हैं. और इन 27 नक्षत्रों का स्वामित्व नौ ग्रहों के पास है. 27 नक्षत्रों के नाम हैं कृत्तिका नक्षत्र, रोहिणी नक्षत्र, मृगशिरा नक्षत्र, अश्विन नक्षत्र, भरणी नक्षत्र, आर्द्रा नक्षत्र, पुनर्वसु नक्षत्र, पुष्य नक्षत्र, आश्लेषा नक्षत्र, हस्त नक्षत्र, चित्रा नक्षत्र, स्वाति नक्षत्र, विशाखा नक्षत्र, मघा नक्षत्र, पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र, उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र, पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र, उत्तराभाद्रपद नक्षत्र, रेवती नक्षत्र, अनुराधा नक्षत्र, ज्येष्ठा नक्षत्र, श्रवण नक्षत्र, घनिष्ठा नक्षत्र, शतभिषा नक्षत्र, मूल नक्षत्र, पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र, उत्तराषाढ़ा नक्षत्र.
अश्विनी – Dec 01 11:18 PM – Dec 02 08:51 PM
भरणी – Dec 02 08:51 PM – Dec 03 06:00 PM
करण
1 तिथि में दो करण होते हैं। कुल 11 करण होते हैं। जिनमें से कुछ के नाम हैं गर, वणिज, चतुष्पद, बालव, कौलव, तैतिल, नाग और किस्तुघ्न, बव, विष्टि, शकुनि। करण को भद्रा विष्टि कहते हैं। और भद्रा में अच्छे काम करना मना माना जाता है।Panchang 02 December 2025
बालव – Dec 02 05:33 AM – Dec 02 03:57 PM
कौलव – Dec 02 03:57 PM – Dec 03 02:14 AM
तैतिल – Dec 03 02:14 AM – Dec 03 12:26 PM
योग
नक्षत्र की तरह योग भी 27 तरह के होते हैं। सूर्य-चंद्रमा की खास दूरी की स्थिति को योग कहते हैं। दूरी के आधार पर बनने वाले 27 योगों के नाम हैं शोभन, अतिगंड, सुकर्मा, धृति, विष्कुंभ, प्रीति, व्यागत, हर्षण, वज्र, आयुष्मान, सौभाग्य, शूल, गंड, वृद्धि, ध्रुव, सिद्धि, शुभ, शुक्ल, ब्रह्मा, इंद्र और वैधृति, व्यतिपात, वरियान, परिघ, शिव, सिद्ध, साध्य।
वरियान – Dec 02 12:58 AM – Dec 02 09:08 PM
परिघ – Dec 02 09:08 PM – Dec 03 04:57 PM
समय
वार से का मतलब दिन होता है। 1 एक हफ़्ते में सात बार/दिन होते हैं। इन सात बार/दिनों के नाम ग्रहों के नाम पर रखे गए हैं, सोमवार, मंगलवार, बुधवार, गुरुवार, शुक्रवार, शनिवार और रविवार।Panchang 02 December 2025
मंगलवार (मंगलवार)

त्यौहार और व्रत
प्रदोष व्रत
अनंग त्रयोदशी व्रत
भौम प्रदोष व्रत
सूर्य और चंद्रमा का समय
सूर्योदय – 6:56 AM
सूर्योदय – 5:36 PM
चंद्रोदय – Dec 02 3:14 PM
चंद्रास्त – Dec 03 4:48 AM
अशुभ समय
राहु – 2:56 PM – 4:16 PM
यमगंडा – 9:36 AM – 10:56 AM
गुलिका – 12:16 PM – 1:36 PM
दुर मुहूर्त – 09:04 AM – 09:46 AM, 10:56 PM – 11:49 PM
वर्ज्यम – 05:16 PM – 06:42 PM, 05:18 AM – 06:43 AM
शुभ समय
अभिजीत मुहूर्त – 11:54 AM – 12:37 PM
अमृत काल – 02:23 PM – 03:49 PM
ब्रह्म मुहूर्त – 05:20 AM – 06:08 AM
आनंदादि योग
अमृत से – 08:51 PM तक
मुसल (मुशाला)
सूर्य राशि
वृश्चिक (वृश्चिक) में सूर्य
चंद्र राशि
चंद्रमा मेष (मेष) में यात्रा करता है
चंद्र महीना
अमंत – अग्रहायण
पूर्णिमांत – अग्रहायण
शक वर्ष (राष्ट्रीय कैलेंडर) – अग्रहायण 11, 1947
वैदिक ऋतु – हेमंत (सर्दियों से पहले)
दृक ऋतु – हेमंत (सर्दियों से पहले)Panchang 02 December 2025
शुभ योग
अमृत सिद्धि – Dec 02 06:56 AM – Dec 02 08:51 PM (अश्विनी और मंगलवार)
सर्वार्थ सिद्धि – Dec 02 06:56 AM – Dec 02 08:51 PM (अश्विनी और मंगलवार)
चंद्राष्टम
- उत्तरा फाल्गुनी आखिरी 3 पद, हस्त, चित्रा पहले 2 पद
गंडमूल नक्षत्र - Dec 01 11:18 PM – Dec 2 08:51 PM (अश्विनी)
दिन का चौघड़िया
रोग 06:56 AM 08:16 AM
उद्वेग (वार वेला) 08:16 AM 09:36 AM
चर 09:36 AM 10:56 AM
लाभ 10:56 AM 12:16 PM
अमृत 12:16 PM 13:36 PM
काल (काल वेला) 13:36 PM 14:56 PM
शुभ 14:56 PM 16:16 PM
रोग 16:16 PM 17:36 PM
रात्रि चौघड़िया
काल 17:36 PM 19:16 PM
लाभ (काल रात्रि) 19:16 PM 20:56 PM
उद्वेग 20:56 PM 22:36 PM
शुभ 22:36 PM 00:16 AM
अमृत 00:16 AM 01:56 AM
चर 01:56 AM 03:36 AM
रोग 03:36 AM 05:16 AM
काल 05:16 AM 06:56 AM

चंद्रबल
इन राशियों का चंद्रबल 03/12/25 06:57 AM तक अच्छा रहेगा
मेष, मिथुन, कर्क, तुला, वृश्चिक और कुंभPanchang 02 December 2025
ताराबल
02/12/25 08:51 PM तक इन नक्षत्रों का ताराबल अच्छा रहेगा
भरणी, कृतिका, मृगशीर्ष, पुनर्वसु, अश्लेषा, पूर्वा फाल्गुनी, उत्तरा फाल्गुनी, चित्रा, विशाखा, ज्येष्ठा, पूर्वा आषाढ़, उत्तरा आषाढ़, धनिष्ठा, पूर्वा भाद्रपद और रेवती
02/12/25 08:51 PM के बाद
03/12/25 06:57 AM तक इन नक्षत्रों का ताराबल अच्छा रहेगा
अश्विनी, कृतिका, रोहिणी, आर्द्रा, पुष्य, मघा, उत्तरा फाल्गुनी, हस्त, स्वाति, अनुराधा, मूल, उत्तरा आषाढ़, श्रवण, शतभिषा और उत्तरा भाद्रपद
किन कामों से बचना चाहिए?
राहुकाल में कोई नया काम न करें
विवाद
उधार लेना-देना
जल्दबाजी में फैसला
पूजा-पाठ का महत्व
द्वादशी तिथि: भगवान विष्णु
मंगलवार: हनुमानजी
प्रदोष: भगवान शिव
इसलिए, आज का दिन तीनों देवताओं की कृपा लाने वाला है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
Q. 1: राहुकाल किस दिन है?
A. 02:25 PM – 03:44 PM
Q. 2: आज कौन सा नक्षत्र है?
A. अश्विनी 08:51 PM तक, उसके बाद भरणी।
Q. 3: आज कौन से व्रत हैं?
अनंग त्रयोदशी, भौम प्रदोष, प्रदोष व्रत।
Q. 4: क्या आज कोई शुभ योग है?
हाँ, अमृतसिद्धि योग और सर्वार्थसिद्धि योग बन रहे हैं।
Q. 5: चंद्रमा किस राशि में है?
मेष राशि में।Panchang 02 December 2025
(डिस्क्लेमर: विभिन्न स्थानों के अनुसार सूर्योदय और चंद्रोदय समय में थोड़ा अंतर हो सकता है।यह लेख धार्मिक मान्यताओं और ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित है। इसे किसी प्रकार की विधिक या ज्योतिषीय सलाह के रूप में न लें।यह ज़रूरी है कि किसी भी जानकारी या विश्वास को लागू करने से पहले, व्यक्तिगत एक्सपर्ट की सलाह ज़रूर ली जाए।)