
मोक्षदा एकादशी, गीता जयंती, शुभ मुहूर्त, राहुकाल, नक्षत्र और चंद्रबल आज का पंचांग
Panchang 01 December 2025 : की शुरुआत बहुत शुभ मानी जा रही है। 01 दिसंबर 2025, सोमवार का यह दिन धार्मिक रूप से शुभ है क्योंकि मोक्षदा एकादशी और गीता जयंती दोनों आज पड़ रही हैं। इसके साथ ही, आज का दिन कई शुभ योग, नक्षत्र और मुहूर्त से भरा है।
चंद्रमा दिन में मीन राशि से निकलकर रात 11:18 बजे मेष राशि में प्रवेश करेगा, जिससे दिन भर जल तत्व और रात के बाद अग्नि तत्व सक्रिय रहेगा। आज का पंचांग खास तौर पर वाराणसी क्षेत्र के समय के अनुसार बनाया गया है, लेकिन आमतौर पर यह भारत के ज़्यादातर हिस्सों के लिए उपयोगी है।
आज का डिटेल्ड पंचांग
तारीख
शुक्ल पक्ष एकादशी – 30 नवंबर रात 09:29 बजे से
समाप्ति: 01 दिसंबर शाम 07:01 बजे
इसके बाद – शुक्ल पक्ष द्वादशी – 02 दिसंबर दोपहर 03:57 बजे तक
व्रत:
मोक्षदा एकादशी
गीता जयंती
नक्षत्र
रेवती नक्षत्र – सुबह 01:10 बजे से रात 11:18 बजे तक
अश्विनी नक्षत्र – रात 11:18 बजे से 02 दिसंबर रात 08:51 बजे तक
गंडमूल नक्षत्र आज:
रेवती – सुबह 01:10 बजे – रात 11:18 बजे
अश्विनी – रात 11:18 बजे – अगले दिन रात 08:51 बजे
गंडमूल जन्म में विशेष शांति करवाना शुभ माना जाता है।
योग
व्यतिपात योग – 04:21 AM – 12:58 AM (Dec 02)
वरियायन योग – 12:58 AM – 09:08 PM (02 Dec.)
करण
कमर्शियल – 08:20 AM तक
विष्टि (भद्रा) – 08:20 AM – 07:01 PM
रवि – 07:01 PM – 02 Dec 05:33 AM
बच्चा – 05:33 AM – 03:57 PM (02 Dec.)
नोट:
08:20 AM – 07:01 PM भद्रा (विष्टि करण) रहेगा—इस दौरान शुभ काम नहीं करने चाहिए।Panchang 01 December 2025

सूर्य और चंद्रमा की स्थिति
- सूर्योदय – 6:30 AM
- सूर्यास्त – 5:03 PM
- चंद्रोदय – 2:01 PM
- चंद्रास्त – 3:13 AM (Dec 02)
- सूर्य राशि: वृश्चिक
- चंद्र राशि:
- दिन 11:18 PM तक — मीन
इसके बाद — मेष
ऋतु और वर्ष
द्रिका ऋतु – हेमंत
वैदिक ऋतु – हेमंत
विक्रम संवत – 2082 (कलयुक्त)
शक संवत – 1947 (विश्वावसु)
अमंत मास – मार्गशीर्ष
पूर्णिमांत मास – मार्गशीर्ष
अशुभ समय (दोष काल)
राहुकाल : 7:49 AM – 9:08 AM
यमगंड : 10:27 AM – 11:46 AM
गुलिक काल :1:05 PM – 2:25 PM
दुर्मुहूर्त : 12:07 PM – 12:50 PM
02:14 PM – 02:56 PM
वर्जित : 12:14 PM – 01:42 PM
आज का शुभ मुहूर्त
अभिजीत मुहूर्त: 11:25 AM – 12:07 PM अच्छे कामों के लिए बहुत शुभ।
अमृत काल: 09:03 PM – 10:32 PM
ब्रह्म मुहूर्त: 04:55 AM – 05:43 AM Panchang 01 December 2025
शुभ योग
(02 दिसंबर को अश्विनी + मंगलवार के कारण)
अमृतसिद्धि योग – 06:31 AM – 08:51 PM
सर्वार्थसिद्धि योग – 06:31 AM – 08:51 PM
चंद्रबल — आज चंद्रमा से किन राशियों को फायदा होगा?
01 दिसंबर रात 11:18 PM तक (चंद्रमा मीन राशि में)
वृष, मिथुन, कन्या, तुला, मकर, मीन
इसके बाद (02 दिसंबर सुबह 06:31 AM तक मेष)
मेष, मिथुन, कर्क, तुला, वृश्चिक, कुंभPanchang 01 December 2025

दिन का चौघड़िया
(सुबह 6:30 बजे से)
समय घड़ी फल
06:30–07:49 अमृत बहुत शुभ है
07:49–09:08 काल अशुभ
09:08–10:27 शुभ शुभ
10:27–11:46 रोग अशुभ
11:46–13:05 उद्बेग अशुभ
13:05–14:25 चर सामान्य
14:25–15:44 लाभ (वार वेला) शुभ
15:44–17:03 अमृत बहुत शुभ है
गंडमूल नक्षत्र का समय
रेवती — 01:10 AM – 11:18 PM
अश्विनी — 11:18 PM – 08:51 PM (Dec 02)
चंद्राष्टम राशियाँ
- मघा
- पूर्वा फाल्गुनी
- उत्तराफाल्गुनी (पहला चरण)
- इन राशियों के लिए दिन सामान्य से थोड़ा ज़्यादा मुश्किल माना जा रहा है।
आज के व्रत और त्योहार
मोक्षदा एकादशी
एकादशी व्रत से मोक्ष, पितृ दोष शांति और पाप की पहचान।
गीता जयंती
धर्म, ज्ञान और अध्यात्म का सबसे बड़ा त्योहार—भगवान कृष्ण द्वारा अर्जुन को दिए गए अमर उपदेश की याद का दिन।
पंचांग का आध्यात्मिक महत्व
पंचांग ग्रह-नक्षत्रों की बारीकी से गणना, द्रिका सिद्धांत और पारंपरिक ज्योतिष पद्धति से तैयार किया जाता है। इसलिए, इसे ज़्यादा असरदार माना जाता है। आज, इमोशनल शांति, आध्यात्मिक झुकाव, दान, ध्यान, पूजा और जल तत्व से जुड़े काम तब सही माने जाते हैं जब चांद मीन राशि में हो।
रात में चांद के मेष राशि में आने से एनर्जी, एक्टिविटी और कॉन्फिडेंस बढ़ता है।Panchang 01 December 2025
आज क्या करें?
एकादशी का व्रत रखें (अगर हो सके)
गीता का 18वां अध्याय पढ़ें
जल दान, दीप दान, अन्न दान बहुत शुभ है
गंडमूल काल में पूजा, जाप, भगवान विष्णु का स्मरण
अभिजीत मुहूर्त में शुभ काम शुरू करें
आज क्या न करें?
राहुकाल में कोई नया काम न करें
भद्रा (08:20 AM – 07:01 PM) में शुभ काम।
निषेध में कोई ज़रूरी फैसला
अशुभ नक्षत्रों में यात्रा करें (अगर हो सके तो बचें)
निष्कर्ष
01 दिसंबर, 2025 का यह पवित्र सोमवार आध्यात्मिक रूप से बहुत शुभ और ऊर्जा से भरा दिन है। मोक्षदा एकादशी और गीता जयंती के मेल के कारण, यह दिन धार्मिक कामों, व्रत, दान और पूजा के लिए बहुत बढ़िया बन गया है। दिन में मीन राशि में चंद्रमा मन को शांत और कोमल रखता है, जबकि रात में मेष राशि में प्रवेश करने से नई ऊर्जा और एक्टिविटी बढ़ती है। अभिजीत मुहूर्त और अमृत काल विशेष रूप से शुभ हैं। हालांकि, राहुकाल, यमगंड और भद्रा जैसे अशुभ समय का ध्यान रखना चाहिए। कुल मिलाकर यह दिन बहुत शुभ और सफलता से भरा माना जाता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- 01 दिसंबर 2025 का पंचांग क्या कहता है?
1 दिसंबर 2025 को मार्गशीर्ष शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि है जो शाम 07:01 PM तक रहेगी। इसके बाद द्वादशी शुरू होगी। इस दिन रेवती और अश्विनी नक्षत्र का मेल होगा और सोमवार को धार्मिक रूप से बहुत शुभ माना जाता है।
- 01 दिसंबर 2025 को कौन से शुभ योग बन रहे हैं?
इस दिन मुख्य रूप से व्यतिपात योग (12:58 AM तक) और उसके बाद वरिया योग है, जो शुभ और एक्टिव कामों के लिए सबसे अच्छा माना जाता है।
- 01 दिसंबर 2025 को अमृतसिद्धि योग और सर्वार्थसिद्धि योग कब है?
अमृतसिद्धि और सर्वार्थसिद्धि योग 02 दिसंबर को सुबह 06:31 AM से रात 08:51 PM के बीच रहेगा, जब अश्विनी नक्षत्र रहेगा।
- मोक्षदा एकादशी और गीता जयंती कब है?
मोक्षदा एकादशी और गीता जयंती दोनों 01 दिसंबर 2025 को मनाई जाएंगी।
- 01 दिसंबर 2025 को राहुकाल कब है?
राहुकाल सुबह 7:49 AM से 9:08 AM तक रहेगा। इस दौरान कोई भी शुभ काम शुरू नहीं किया जाता है।
- इस दिन किस राशि पर चंद्र बल रहेगा?
रात 11:18 PM तक: वृषभ, मिथुन, कन्या, तुला, मकर और मीन।
उसके बाद: मेष, मिथुन, कर्क, तुला, वृश्चिक और कुंभ।Panchang 01 December 2025
(डिस्क्लेमर: विभिन्न स्थानों के अनुसार सूर्योदय और चंद्रोदय समय में थोड़ा अंतर हो सकता है।यह लेख धार्मिक मान्यताओं और ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित है। इसे किसी प्रकार की विधिक या ज्योतिषीय सलाह के रूप में न लें।यह ज़रूरी है कि किसी भी जानकारी या विश्वास को लागू करने से पहले, व्यक्तिगत एक्सपर्ट की सलाह ज़रूर ली जाए।)