Bhagavat Gita (भागवद गीता) :गीता के पाँचवाँ अध्याय के श्लोक 1 से 10 तक का गहन विश्लेषण
कर्म और संन्यास का संतुलन: मुक्ति का राजमार्ग (गीता पाँचवाँ अध्याय 1-10) Bhagavat Gita का पाँचवाँ अध्याय ‘कर्मसंन्यास योग’ (कर्म और संन्यास का योग) ज्ञान योग और कर्म योग बीच के अनकहे सवालों को हमेशा के लिए शांत कर देता है। चौथे चैप्टर के आखिर में भगवान कृष्ण ने ज्ञान से काम करने की अहमियत … Read more