Bhagavat Gita (भागवद गीता) : गीता के सत्रहवें अध्याय के श्लोक 15 से 21 तक का गहन विश्लेषण
भगवद् गीता: अध्याय सत्रहवें (श्रद्धात्रयविभाग योग) – श्लोक 15 से 21: वाणी, मन और दान के त्रिविध रूपों का गहन विश्लेषण Bhagavat Gita के सत्रहवें अध्याय के पूर्वार्ध (श्लोक 8 से 14) में, भगवान कृष्ण तपस्या के तीन रूपों – आहार, यज्ञ और शारीरिक तपस्या – का वर्णन करते हैं। अब, श्लोक 15 से 21 … Read more