
Labh Pachami 2025 : भारतीय संस्कृति में, खासकर गुजरात में, त्योहार कभी खत्म नहीं होते। दिवाली (Diwali) इस सीरीज़ का सबसे बड़ा और सबसे ज़रूरी त्योहार है। लेकिन, दिवाली त्योहार का असली अंत लाभ पंचमी नाम की पवित्र तारीख को होता है। गुजराती संस्कृति, बिज़नेस सर्कल और जैन परंपराओं में इस दिन का इतना गहरा और खास महत्व है कि इसे मुख्य दिवाली त्योहारों के साथ जोड़ा जाता है। इस तारीख को शुभ लाभ पंचमी या ज्ञान पंचमी के नाम से भी जाना जाता है।
Labh Pachami 2025 : दिवाली के कुछ दिन बाद, लाभ कार्तिक महीने के शुक्ल पक्ष की अष्टमी को लाभ अष्टमी का त्योहार मनाया जाता है। इस त्योहार को खुशहाली, सौभाग्य और नई शुरुआत का प्रतीक माना जाता है। इस दिन गुजरात, राजस्थान और महाराष्ट्र के व्यापारी बही-खातों की पूजा करते हैं और नए खाते खोलते हैं। आइए जानते हैं साल 2025 में लाभ पंचमी कब है।

2025 में लाभ पंचमी कब है
Labh Pachami 2025 : दिवाली के पांच दिन बाद आने वाला यह त्योहार 26 अक्टूबर 2025 को लाभ पंचमी के दिन मनाया जाएगा। लाभ पंचमी को सौभाग्य पंचमी या लाभ पंचम के नाम से भी जाना जाता है। यह त्योहार कार्तिक महीने के शुक्ल पक्ष की पंचमी को मनाया जाता है। हिंदू कैलेंडर के अनुसार, यह त्योहार रविवार, 26 अक्टूबर 2025 को पूरे देश में बड़ी धूमधाम से मनाया जाएगा।
पंचमी तिथि 26 अक्टूबर को सुबह 3:48 बजे शुरू होगी और 27 अक्टूबर को सुबह 6:04 बजे खत्म होगी। इस दिन सुबह की पूजा का समय सुबह 6:21 बजे से 9:59 बजे तक होगा, जो लगभग 3 घंटे 38 मिनट है। इसके अलावा, लाभ, अमृत और शुभ चौघड़िया के दौरान पूजा करना विशेष रूप से फलदायी माना जाता है।
Labh Pachami 2025 : नाम का गुप्त और शाब्दिक अर्थ
Labh Pachami 2025 : लाभ पंचमी दो शब्दों से मिलकर बना है: ‘लाभ’ और ‘पंचम’।
लाभ: इस शब्द का मतलब है मुनाफ़ा, फायदा, खुशहाली और अच्छी किस्मत। ज्योतिष और धर्मशास्त्र में, ‘लाभ’ आठ तरह की उपलब्धियों में से एक है।
पंचमी : हिंदू कैलेंडर के अनुसार चांद के उगने और डूबने का पांचवां दिन।
यह तिथि कार्तिक सुद की पंचमी के दिन पड़ती है। यह दिन ‘नए साल’ के पहले पांच दिनों के खत्म होने का निशान है। इस दिन पूजा और रीति-रिवाज करने से जीवन के हर पहलू में अच्छी किस्मत और फायदे मिलते हैं, इसलिए इसका नाम लाभ पंचमी पड़ा। इस दिन से बिजनेस फिर से शुरू होता है, जो लंबे बिजनेस ब्रेक के बाद एक शुभ समय होता है।

बिज़नेस की दुनिया में लाभ पंचमी फ़ायदे का महत्व
Labh Pachami 2025 : गुजरात के बिज़नेस और इंडस्ट्रियल दुनिया में लाभ पंचमी का बहुत महत्व है। इंडस्ट्रियलिस्ट इस दिन को अपने बिज़नेस और नौकरी के लिए नए साल की असली शुरुआत मानते है।
1.चोपड़ा पूजा और मुहूर्त
Labh Pachami 2025 : दिवाली पर, इंडस्ट्रियलिस्ट लक्ष्मी पूजा करते हैं और अपने पुराने अकाउंट बंद करते हैं। दिवाली से लाभ पंचम तक (आमतौर पर पांच दिन) का समय आराम करने, त्योहार मनाने और रिश्तेदारों से मिलने में बीतता है।
लाभ पंचमी एक तरह का शुभ समय होता है। ‘अबूझ’ का मतलब है ऐसा दिन जब कोई शुभ काम करने के लिए पंचांग पढ़ने या किसी खास शुभ समय का इंतज़ार करने की ज़रूरत नहीं होती। इसलिए, इंडस्ट्रियलिस्ट इस शुभ समय का फ़ायदा उठाते हैं और नीचे दिए गए रीति-रिवाज़ करते हैं:
नए अकाउंट खोलना: इस दिन नए बिज़नेस अकाउंट खोले जाते हैं।
शुभ और फ़ायदेमंद निशान लिखना: दुकान या ऑफ़िस के दरवाज़े पर, नई किताब पर और तिजोरी पर स्वास्तिक और “शुभ लाभ” के पवित्र निशान लिखे जाते हैं।
शुभ: भलाई और शुभ काम किए जाते हैं।
लाभ : पूरे साल पैसे का फ़ायदा और मुनाफ़ा मिलता है।
श्री गणेश: नई किताब के पहले पेज पर पवित्र नंबर “श्री” लिखकर बिज़नेस के लेन-देन शुरू किए जाते हैं। “श्री” शब्द देवी लक्ष्मी का निशान है और खुशहाली दिखाता है।
2.पूजा और प्रार्थना

Labh Pachami 2025 : व्यापारी अपनी दुकानों और ऑफिस में देवी लक्ष्मी, गणेश और सरस्वती की पूजा करते हैं।
गणेश: गणेश को सबसे पहले पूजने वाले देवता के तौर पर पूजा जाता है ताकि पूरे साल बिज़नेस में आने वाली रुकावटें दूर हों।
लक्ष्मी: धन की देवी का आशीर्वाद मांगा जाता है ताकि बिज़नेस में पैसे का फ्लो बना रहे।
सरस्वती: बुद्धि, ज्ञान और बिज़नेस में सही फैसले लेने की शक्ति पाने के लिए भी सरस्वती की पूजा की जाती है।
यह पूजा सिर्फ एक रस्म नहीं है, बल्कि यह व्यापारी के मन में नई एनर्जी, नया जोश और ईमानदारी से बिज़नेस करने की पॉजिटिविटी भर देती है।
धार्मिक और पौराणिक महत्व
Labh Pachami 2025 : लाभ पंचमी का महत्व सिर्फ़ बिज़नेस तक ही सीमित नहीं है, बल्कि हिंदू और जैन धर्म में भी इसकी गहरी जड़ें हैं।
1.अबूझ मुहूर्त का महत्व
ज्योतिष के अनुसार, लाभ पंचमी बहुत ही शुभ और फलदायी दिन है। इस दिन किए गए काम कई गुना फल देते हैं। इसलिए, इस दिन किए गए नए निवेश, नए कॉन्ट्रैक्ट, ज़मीन और घर की खरीदारी और कोई भी दूसरा शुभ काम सफल होना तय माना जाता है। यह दिन “सिद्धि” लाता है।
2.जैन परंपरा में ज्ञान पंचमी
Labh Pachami 2025 : जैन धर्म में इस पंचमी का सबसे ज़्यादा महत्व है। इसे ज्ञान पंचमी के नाम से जाना जाता है।
ज्ञान की पूजा: जैन धर्म के अनुसार, इस दिन देवी सरस्वती की पूजा की जाती है। ज्ञान ही मोक्ष का मुख्य साधन है।
धार्मिक ग्रंथों की पूजा: जैन मंदिरों में धार्मिक ग्रंथों की पूजा की जाती है और ज्ञान प्राप्ति के लिए खास प्रार्थना और व्रत भी रखे जाते हैं।
आध्यात्मिक शुद्धि: इस दिन आध्यात्मिक शुद्धि और ज्ञान की वृद्धि के लिए खास तपस्या की जाती है।
इसलिए, लाभ पंचमी सिर्फ़ धन का ही नहीं, बल्कि ज्ञान के लाभ का भी त्योहार है।
लाभ पंचमी की पूरी पूजा विधि

Labh Pachami 2025 : लाभ पंचमी के दिन सुबह से ही शुभ माहौल में पूजा का आयोजन किया जाता है।
ज़रूरी सामान
गणेश की मूर्ति, लक्ष्मी की फोटो, नई किताबें, हल्दी, कंकू, चावल (बिना टूटे), फूल, धूप-दीप, गंगाजल, गाय का घी, मिठाई (खासकर लड्डू या पेंडा), और प्रसाद।
पूजा का क्रम
शुद्धिकरण: सुबह जल्दी उठें, नहाएं और साफ कपड़े पहनें। दुकान या घर की पूजा की जगह को गंगाजल से शुद्ध करें।
संकल्प: पूजा करने का संकल्प लें और मन ही मन भगवान को पुकारें।
गणेश पूजा: सबसे पहले गणेश जी को तिलक, फूल और दूर्वा चढ़ाएं।
लक्ष्मी-सरस्वती पूजा: लक्ष्मी और सरस्वती की मूर्ति/फोटो स्थापित करें और चावल और कंकू से उनकी पूजा करें।
चोपड़ा पूजा: पूजा में एक नई किताब रखें। उस पर स्वास्तिक और ‘शुभ-लाभ’ लिखें। उस पर कंकू-चोखा छिड़कें और उसकी पूजा करें। पेन या कलम की भी पूजा करें।
मंत्र जाप: “ॐ गं गणपतये नमः” और “ॐ महालक्ष्मी नमः” जैसे मंत्रों का जाप करें।
आरती: घी का दीपक जलाएं, धूप और अगरबत्ती जलाएं और आखिर में गणेश और लक्ष्मी की आरती करें।
प्रसाद वितरण: पूजा समाप्त होने के बाद प्रसाद वितरित करें।
आधुनिक समय में लाभ पंचमी

Labh Pachami 2025 : भले ही आज बिज़नेस के तरीके बदल गए हैं, और ज़्यादातर अकाउंट अब कंप्यूटर या डिजिटल मीडिया पर मेंटेन किए जाते हैं, फिर भी लाभ पंचम का महत्व वैसा ही है।
डिजिटल बुक्स: आज, बिज़नेसमैन इस दिन न सिर्फ़ फ़िज़िकल बुक्स बल्कि नए सॉफ़्टवेयर, ERP सिस्टम या डिजिटल अकाउंटिंग एप्लीकेशन को भी पवित्र करते हैं।
नए प्रोजेक्ट्स लॉन्च करना: आज के एंटरप्रेन्योर्स के लिए, यह दिन नए स्टार्टअप, प्रोजेक्ट्स या प्रोडक्ट्स लॉन्च करने का एक आइडियल समय है।
फिर से जुड़ना: दिवाली के बाद इस त्योहार के दिन, बिज़नेसमैन उत्साह से कस्टमर्स, सप्लायर्स और एम्प्लॉइज से फिर से जुड़ते हैं, जिससे नए साल के लिए पॉज़िटिव माहौल बनता है।
लाभ पंचमी हमें याद दिलाता है कि सफलता सिर्फ़ पैसे से नहीं मिलती, बल्कि अच्छे व्यवहार (ईमानदारी) और इंटेलिजेंस (ज्ञान) के कॉम्बिनेशन से मिलती है।

निष्कर्ष
Labh Pachami 2025 : लाभ पंचमी सिर्फ़ एक धार्मिक दिन नहीं है, बल्कि यह भारतीय संस्कृति के गहरे मूल्यों का प्रतीक है। यह हमें जीवन के हर पहलू में पॉजिटिविटी, ज्ञान और ईमानदारी के ज़रिए मुनाफ़े का रास्ता दिखाता है। यह बिज़नेस करने वालों को अपनी मेहनत और उसूलों पर भरोसा रखते हुए आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।
इस शुभ दिन पर, अपने जीवन में मुनाफ़े, अच्छी किस्मत, ज्ञान और खुशहाली का स्वागत करें, और आने वाला साल सफलता और खुशियों से भरा हो! हैप्पी लाभ! 🙏