Bhagavat Gita (भागवद गीता) : गीता के सत्रहवें अध्याय के श्लोक 8 से 14 तक का गहन विश्लेषण
भगवद् गीता: अध्याय सत्रहवें (श्रद्धात्रय विभाग योग) – श्लोक 8 से 14: आहार, यज्ञ और तप के त्रिविध रूपों का गहन विश्लेषण Bhagavat Gita के सत्रहवें अध्याय के पहले सात श्लोकों में, भगवान कृष्ण ने तीन प्रकार की श्रद्धा (सात्विक, राजसिक, तामसिक) की पहचान की। उन्होंने कहा कि व्यक्ति की श्रद्धा उसके स्वभाव का प्रतिबिंब … Read more