Bhagavat Gita (भागवद गीता) :गीता के सातवां अध्याय के श्लोक 11 से 20 तक का गहन विश्लेषण
माया और चार प्रकार के भक्तों में अंतर (गीता सातवां अध्याय 11-20) Bhagavat Gita का सातवां अध्याय, ‘ज्ञान-विज्ञान योग’, ज्ञान और अनुभव के ज़रिए असली सार को समझाता है। पहले 10 श्लोकों (सातवां अध्याय 1-10) में भगवान श्री कृष्ण ने अपने अपरा (बेजान) और परा (चेतन) स्वभाव के साथ-साथ दुनिया के बारे में भी बताया … Read more