Bhagavat Gita (भागवद गीता) :गीता के पंद्रहवें अध्याय के श्लोक 15 से 20 तक का गहन विश्लेषण
भगवद गीता: पंद्रहवें अध्याय (पुरुषोत्तम योग) – श्लोक 15 से 20: परम रहस्य और पूर्णता का ज्ञान Bhagavat Gita के पंद्रहवें अध्याय का नाम “पुरुषोत्तम योग” है। अब तक के श्लोकों में, भगवान कृष्ण ने दुनिया को भ्रम का पेड़, आत्मा को अपना हिस्सा और अपनी शक्ति को ब्रह्मांड चलाने वाला बताया है। अब, इस … Read more