Panchang 08 December 2025 : सोमवार का पंचांग शुभ कार्यों की शुरुआत।

पौष कृष्ण पक्ष चतुर्थी | सोमवती तिथि, शुभ-मुहूर्त, योग, चौघड़िया और राहुकाल

दिन का पंचांग और उसका महत्व

Panchang 08 December 2025 : पुराने ऋषियों और वेदों के अनुसार, जब कोई इंसान माहौल के साथ तालमेल बिठाकर काम करता है, तो वह पॉजिटिव तरीके से रिस्पॉन्स देता है और इंसान को अपना काम कामयाबी से पूरा करने में मदद करता है। हिंदू दिन का पंचांग इस तालमेल को बनाने में अहम भूमिका निभाता है और इसका इस्तेमाल करके कोई भी व्यक्ति तिथि, योग और शुभ-अशुभ समय के बारे में ज्योतिषीय जानकारी पा सकता है। वे एस्ट्रल बनावट के आधार पर सही समय जान सकते हैं और अपने समय और काम का ज़्यादा से ज़्यादा फ़ायदा उठा सकते हैं।

ज्योतिषी लोगों को सलाह देते हैं कि वे रोज़ अपना पंचांग देखें और कोई भी नया काम शुरू करने या शादी, सामाजिक काम, ज़रूरी इवेंट, उद्घाटन, नए बिज़नेस वगैरह जैसे शुभ काम करने के लिए उसका पालन करें।

पंचांग के क्या फायदे हैं?

यह एक पारंपरिक हिंदू कैलेंडर है जो पांच खास एलिमेंट्स को एक साथ लाता है: तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये एलिमेंट्स मिलकर दिन की एनर्जी और ताकत तय करते हैं। पंचांग का इस्तेमाल कॉस्मिक असर को समझने और उसके हिसाब से अपने काम की प्लानिंग करने के लिए किया जाता है।

पंचांग का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह हमें शुभ और अशुभ समय तय करने में मदद करता है। पंचांग हमें शादी, यात्रा, नई नौकरी शुरू करने या कोई धार्मिक अनुष्ठान करने के लिए सही समय तय करने में गाइड करता है। यह सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय और चंद्रास्त के बारे में भी जानकारी देता है, जो व्रत और पूजा के लिए ज़रूरी हैं।

हमें रोज़ पंचांग क्यों देखना चाहिए?

Panchang 08 December 2025 : रोज़ पंचांग देखकर हम अपनी रोज़मर्रा की ज़िंदगी को प्रकृति के हिसाब से ढाल सकते हैं। यह हमें राहुकाल, गुलिकाकाल और यमगंड जैसे अशुभ समय के बारे में बताता है, जब कोई नया काम नहीं करना चाहिए।

पंचांग को फॉलो करके, हम बेकार की स्ट्रेटेजी से बच सकते हैं और अपने काम में सफलता बढ़ा सकते हैं। यह खास तौर पर साधकों, ज्योतिषियों, किसानों और प्रकृति के साथ तालमेल बिठाकर रहने वालों के लिए उपयोगी है। संक्षेप में, पंचांग एक कॉस्मिक प्लानर की तरह काम करता है, जो हमें एक सोच-समझकर, सफल और आध्यात्मिक रूप से संतुलित जीवन जीने में मदद करता है।

हिंदू पंचांग के अनुसार सोमवार का दिन बहुत खास माना जाता है। पौष महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि होने के कारण यह दिन गणपति उपासना, मांगलिक कामों और आध्यात्मिक पूजा-पाठ के लिए शुभ है। ब्रह्म योग और पुष्य नक्षत्र के प्रभाव से आज का दिन और भी दिव्य बन रहा है।पारंपरिक ज्योतिषीय गणना के अनुसार, आज का सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय, चंद्र राशि, राहुकाल, शुभ समय, चौघड़िया जीवन के सभी फैसलों में अहम भूमिका निभाते हैं। अगर आप आज के शुभ और अशुभ समय, यात्रा का समय, खरीदारी के योग, देवी-देवताओं की पूजा और चंद्रमा की स्थिति के नतीजे जानना चाहते हैं, तो यह डिटेल्ड आर्टिकल आपके लिए है।

Panchang

तारीख और महीना

तारीख: कृष्ण पक्ष चतुर्थी
07 दिसंबर शाम 06:25 बजे से 08 दिसंबर शाम 04:03 बजे तक
कृष्ण पक्ष पंचमी
08 दिसंबर शाम 04:03 बजे से 09 दिसंबर दोपहर 02:29 बजे तक
चंद्र महीना (अमंत) — मार्गशीर्ष
चंद्र महीना (पूर्णिमा) — पौष
सूर्य राशि: वृश्चिक
चंद्र राशि: कर्क (पूरा दिन-रात)Panchang 08 December 2025

नक्षत्र
पुष्य नक्षत्र

08 दिसंबर 04:11 AM – 09 दिसंबर 02:52 AM
इसके बाद अश्लेषा नक्षत्र शुरू होगा।
पुष्य नक्षत्र को “नक्षत्रराज” कहा जाता है — बिज़नेस के लिए शुभ, शॉपिंग के लिए अच्छा, नया काम शुरू करने के लिए शुभ, धन के लिए अच्छा।

योग

ब्रह्म योग
07 दिसंबर शाम 08:07 बजे से – 08 दिसंबर शाम 05:01 बजे तक
इंद्र योग
08 दिसंबर शाम 05:01 बजे से – 09 दिसंबर दोपहर 02:33 बजे तक

मतलब:

ब्रह्म योग—सीखने, शिक्षा, रिसर्च, आध्यात्मिकता और मनोबल के लिए योग।
इंद्र योग—सम्मान, पद, प्रतिष्ठा और सरकारी फ़ायदेमंद कामों के लिए अच्छा है।

करण

बच्चा — 05:09 AM – 04:03 PM कौलव — 04:03 PM – 03:10 AM (दिसंबर 09)
तैतिल — 03:10 AM – 02:29 PM (09 दिसंबर) Panchang 08 December 2025

सूर्योदय – सूर्यास्त

सूर्योदय – सूर्यास्त
सूर्योदय — 06:35 AM
सूर्यास्त — 05:03 PM
चंद्रोदय — 08:47 PM
अमावस्या — 10:35 AM (दिसंबर 09)

अशुभ समय

1) राहुकाल : 07:54 AM – 09:12 AM
इस समय नया काम, यात्रा, डील, इंटरव्यू से बचें।
2) यमगंड : 10:31 AM – 11:49 AM
3) गुलिक काल / कुलिक :01:08 PM – 02:26 PM
4) दुर्मुहूर्त : 12:10 PM – 12:52 PM
02:16 PM – 02:58 PM
5) निषेध : 11:44 AM – 01:15 PMPanchang 08 December 2025

अच्छा समय

  • 1) अभिजीत मुहूर्त : 11:28 AM – 12:10 PM
    बहुत शुभ, सभी कामों के लिए सबसे अच्छा समय।
  • 2) अमृत काल : 08:48 PM – 10:19 PM
    3) ब्रह्म मुहूर्त : 05:00 AM – 05:48 AM
    साधना, जप, ध्यान, व्रत-पूजा के लिए सबसे अच्छा समय।
Panchang

दिन का समय

अमृत — 06:35 AM – 07:54 AM (बहुत शुभ)
समय — 07:54 AM – 09:12 AM
शुभ — 09:12 AM – 10:31 AM
रोग — 10:31 AM – 11:49 AM
उदबेग — 11:49 AM – 01:08 PM
चर — 01:08 PM – 02:26 PM
लाभ — 02:26 PM – 03:45 PM
अमृत — 03:45 PM – 05:03 PMPanchang 08 December 2025

चंद्र शक्ति (राशि के अनुसार) चंद्र राशिफल:

वृष, कर्क, कन्या, तुला, मकर, कुंभ राशि वालों के लिए दिन ज़्यादा अच्छे नतीजे देगा।

ताराबल

पुष्य नक्षत्र से जुड़ी ज़्यादातर राशियों के लिए ताराबल शुभ होता है।

शुभ योग

सर्वार्थसिद्धि योग — 04:11 AM – 02:52 AM (09 दिसंबर)
रवि पुष्य योग — 04:11 AM – 06:35 AM (बहुत शुभ)
आज शॉपिंग, पैसा इन्वेस्ट करने, नया काम शुरू करने के लिए सबसे अच्छा दिन है।

आज आप क्या करें?

माता-पिता और बड़ों का आशीर्वाद लें, भगवान शिव, गणेश और देवी लक्ष्मी की पूजा करें, धन पाने के लिए पुष्य नक्षत्र में दान करें
पड़ोसियों/परिवार के साथ अच्छे रिश्ते बनाएंPanchang 08 December 2025

आज क्या न करें?

राहुकाल में कोई नया काम, पैसे का लेन-देन, जोश/गुस्से में फैसला, अशुभ समय में यात्रा शुरू करना

पूजा के देवता और निशान

चतुर्थी तिथि — भगवान गणेश की पूजा सबसे अच्छी है
पुष्य नक्षत्र—देवी लक्ष्मी का आह्वान
सोमवार—शिव पूजा के लिए सबसे अच्छा

निष्कर्ष

08 दिसंबर 2025 शुभ योग, पुष्य नक्षत्र और ब्रह्म योग के कारण बहुत फलदायी है। हालांकि, राहुकाल, यमगंड और दुर्मुहूर्त जैसे अशुभ समय का ध्यान रखना होगा। आज किए गए कर्म, खासकर पूजा और दान, कई गुना फल देते हैं।Panchang 08 December 2025

Panchang

शुभ पंचांग के बारे में अक्सर पूछे जाने वाले सवाल और जवाब

  1. क्या 08 दिसंबर 2025 को कोई बड़ा शुभ योग है?

हाँ, पुष्य नक्षत्र + सर्वार्थसिद्धि योग + रवि पुष्य योग इस दिन को बहुत खास बनाते हैं।

  1. चतुर्थी तिथि किस देवता को समर्पित है?

श्री गणेश जी को।

  1. राहुकाल कब है?

07:54 AM – 09:12 AM.

  1. क्या आप आज नया काम शुरू कर सकते हैं?

हाँ, अभिजीत मुहूर्त और अमृत चौघड़िया बहुत शुभ हैं।

5.चंद्रमा किस राशि में है?

कर्क राशि में।Panchang 08 December 2025

(डिस्क्लेमर: विभिन्न स्थानों के अनुसार सूर्योदय और चंद्रोदय समय में थोड़ा अंतर हो सकता है।यह लेख धार्मिक मान्यताओं और ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित है। इसे किसी प्रकार की विधिक या ज्योतिषीय सलाह के रूप में न लें।यह ज़रूरी है कि किसी भी जानकारी या विश्वास को लागू करने से पहले, व्यक्तिगत एक्सपर्ट की सलाह ज़रूर ली जाए।)

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