Panchang 18 November 2025, मंगलवार का पंचांग शुभ कार्यों की शुरुआत।

भारत में पंचांग केवल तिथि-नक्षत्र का विवरण ही नहीं है, बल्कि दैनिक जीवन, धार्मिक कार्यों और शुभ मुहूर्त के लिए सबसे विश्वसनीय आधार माना जाता है। Panchang 18 November 2025, मंगलवार का यह विस्तृत पंचांग सिद्धांत के आधार पर तैयार किया गया है। आज का दिन इसलिए विशेष है क्योंकि मार्गशीर्ष मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि का प्रभाव दिन के प्रथम भाग तक रहेगा और उसके बाद चतुर्दशी तिथि प्रारंभ हो जाएगी। इसी दिन शिवरात्रि का पर्व भी मनाया जाता है, इसलिए यह दिन भगवान शिव के भक्तों के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है।

पंचांग के क्या लाभ हैं?

Panchang 18 November 2025, एक पारंपरिक हिंदू कैलेंडर है जो पाँच विशेष तत्वों को एक साथ लाता है: तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये तत्व मिलकर दिन की ऊर्जा और जीवन शक्ति को निर्धारित करते हैं। पंचांग का उपयोग ब्रह्मांडीय प्रभाव को समझने और उसके अनुसार अपने कार्यों की योजना बनाने के लिए किया जाता है।

पंचांग का सबसे बड़ा लाभ यह है कि यह हमें शुभ और अशुभ समय का निर्धारण करने में मदद करता है। पंचांग हमें विवाह, यात्रा, नया काम शुरू करने या धार्मिक अनुष्ठान करने के लिए सही समय निर्धारित करने में मार्गदर्शन करता है। यह सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय और चंद्रास्त के बारे में भी जानकारी प्रदान करता है, जो व्रत और पूजा के लिए आवश्यक हैं।

हमें प्रतिदिन पंचांग क्यों देखना चाहिए?

प्रतिदिन पंचांग देखने से हम अपने दैनिक जीवन को प्रकृति के अनुसार ढाल सकते हैं। यह हमें राहुकाल, गुलिकाकाल और यमगंड जैसे अशुभ समयों के बारे में बताता है, जब कोई नया कार्य नहीं करना चाहिए।

Panchang 18 November 2025 का पालन करके, हम व्यर्थ की रणनीतियों से बच सकते हैं और अपने प्रयासों में सफलता बढ़ा सकते हैं। यह साधकों, ज्योतिषियों, किसानों और प्रकृति के साथ सामंजस्य बिठाकर रहने वालों के लिए विशेष रूप से उपयोगी है। संक्षेप में, पंचांग एक ब्रह्मांडीय योजनाकार की तरह काम करता है, जो हमें एक विचारशील, सफल और आध्यात्मिक रूप से संतुलित जीवन जीने में मदद करता है।

दिनांक: 18 नवंबर 2025 (मंगलवार) –

  1. तिथि – विस्तृत विवरण

कृष्ण पक्ष त्रयोदशी

17 नवंबर प्रातः 04:47 से 18 नवंबर प्रातः 07:12 तक

कृष्ण पक्ष चतुर्दशी

18 नवंबर प्रातः 07:12 से 19 नवंबर प्रातः 09:43 तक

विशेष महत्व: त्रयोदशी और चतुर्दशी दोनों ही शिव उपासना और तांत्रिक साधना के लिए अत्यंत फलदायी मानी जाती हैं।
त्रयोदशी-चतुर्दशी का संयुक्त प्रभाव अत्यंत शुभ होता है क्योंकि शिवरात्रि मासिक रूप से मनाई जाती है।

Panchang 18 November 2025 मंगलवार का दिन शक्ति, साहस, भूमि, न्यायालयीन कार्य और ऋण संबंधी कार्यों के लिए अनुकूल माना जाता है।
शिव और हनुमान जी की पूजा विशेष फल देती है।

नक्षत्र

स्वाति नक्षत्र

18 नवंबर प्रातः 5:01 – 19 नवंबर प्रातः 7:59

स्वाति नक्षत्र का प्रभाव:

व्यापार, यात्रा, नए कार्य, सौदे और दस्तावेज़ संबंधी कार्यों के लिए शुभ।
वायु तत्व की प्रधानता अस्थिरता भी बढ़ा सकती है।
भगवान वायु और देवी दुर्गा की पूजा लाभकारी है।

योग

आयुष्मान योग

17 नवंबर प्रातः 7:22 – 18 नवंबर प्रातः 8:08
सौभाग्य योग

18 नवंबर प्रातः 8:08 – 19 नवंबर प्रातः 9:00

दोनों योग अत्यंत शुभ हैं—

आयुष्मान स्वास्थ्य वृद्धि और कार्य सिद्धि प्रदान करता है।
सौभाग्य नाम स्पष्ट है— भाग्य और सफलता का दिन।

करण

व्यावसायिक : 17 नवंबर 05:59 अपराह्न – 18 नवंबर 07:12 पूर्वाह्न

विष्टि (भद्रा) : 18 नवंबर 07:12 पूर्वाह्न – 18 नवंबर 08:27 अपराह्न

शकुनी

Panchang 18 November 2025 08:27 अपराह्न – 19 नवंबर 09:44 पूर्वाह्न विष्टि करण (भद्रा) अशुभ माना जाता है – कोई नया काम शुरू न करें।

सूर्य और चंद्रमा:

सूर्योदय: 6:21 AM

सूर्यास्त: 5:04 PM

चन्द्रोदय: 4:27 AM

चन्द्रास्त: 3:43 PM


 सूर्य राशि

सूर्य वृश्चिक राशि में

यह राशि परिवर्तन गोपनीय कार्य, शोध, गहराई वाले निर्णयों के लिए अनुकूल माना जाता है।Panchang 18 November 2025


 चंद्र राशि

चंद्रमा तुला राशि में (पूरा दिन-रात)

तुला चंद्रमा मानसिक संतुलन, कूटनीति और व्यवसायिक लाभ को बढ़ाता है।Panchang 18 November 2025


 अशुभ काल (Inauspicious Timings)

राहुकाल: 2:23 PM – 3:44 PM

यमगण्ड: 9:02 AM – 10:22 AM

गुलिक काल (कुलिक): 11:43 AM – 1:03 PM

दुर्मुहूर्त:

  1. 08:30 AM – 09:12 AM
  2. 10:23 PM – 11:16 PM

वर्ज्यम्: 11:18 AM – 01:06 PM

अशुभ काल में कोई भी नया कार्य, यात्रा, शुभ आरंभ न करें।


शुभ काल (Shubh Muhurat):

अभिजीत मुहूर्त: 11:21 AM – 12:04 PM
(दिन का सबसे शुभ समय)

अमृत काल: 10:05 PM – 11:53 PM

ब्रह्म मुहूर्त: 04:45 AM – 05:33 AM

दिन का चौघड़िया

दिन का चौघड़िया
समय घड़ी फल
06:21–07:41 रोग अशुभ
07:41–09:02 उदबेग अशुभ
09:02–10:22 चर सामान्य/शुभ
10:22–11:43 लाभ शुभ
11:43–13:03 अमृत अत्यंत शुभ
13:03–14:23 काल अशुभ
14:23–15:44 शुभ शुभ
15:44–17:04 रोग अशुभ

चंद्रबलम – चंद्रबल

18-19 नवंबर 2025 (सुबह 6:22 बजे तक):
मेष, वृषभ, सिंह, तुला, धनु, मकर

आज इन 6 राशियों को चंद्रमा से विशेष लाभ मिलेगा।
आनंदादि योग – आनंदादि योग

ध्वज (केतु)

यह योग पुण्य, साहस और विजय का प्रतीक है।
आज के दिन का विश्लेषण – शुभ और अशुभ क्या करें?

शुभ कार्य

पूजा, शिव आराधना
व्यावसायिक निर्णय
घर/कार्यालय में सुधार
धन प्राप्ति के प्रयास
यात्रा (आवास को छोड़कर)

से बचें

नए बड़े निवेश
भद्रा काल में शुभ कार्य
क्रोध-उत्तेजना
न्यायालय/कानूनी मामलों की शुरुआत

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न —

प्रश्न 1. आज कौन सी तिथि है?

उत्तर: आज मार्गशीर्ष कृष्ण पक्ष त्रयोदशी सुबह 7:12 बजे तक, उसके बाद चतुर्दशी।

प्रश्न 2. आज का राहुकाल कब है?

उत्तर: दोपहर 2:23 – 3:44 बजे।

प्रश्न 3. आज कौन सा नक्षत्र चल रहा है?

उत्तर: स्वाति नक्षत्र।

प्रश्न 4. आज की चंद्र राशि क्या है?

उत्तर: चंद्रमा तुला राशि में है।

प्रश्न 5. क्या आज कोई व्रत या त्योहार है?

उत्तर: हाँ, आज शिवरात्रि है।

(अस्वीकरण: सूर्योदय और चंद्रोदय का समय अलग-अलग स्थानों पर थोड़ा भिन्न हो सकता है। यह लेख धार्मिक मान्यताओं और ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित है। इसे किसी भी प्रकार की कानूनी या ज्योतिषीय सलाह के रूप में न लें। किसी भी जानकारी या विश्वास को अमल में लाने से पहले किसी निजी विशेषज्ञ से परामर्श करना आवश्यक है।)

Leave a Comment