
Panchang 16 November 2025, रविवार का यह पंचांग मार्गशीर्ष कृष्ण पक्ष द्वादशी और त्रयोदशी के संयोग से अत्यंत विशेष दिन के रूप में आता है। इस दिन अमृत काल, ब्रह्म मुहूर्त, सर्वार्थसिद्धि योग और अमृतसिद्धि योग जैसे कई शुभ योग विद्यमान हैं, जो इसे पूजा-पाठ, दान, तीर्थयात्रा, निवेश और नए उपक्रमों की शुरुआत के लिए अनुकूल बनाते हैं।
धार्मिक शास्त्रों के अनुसार, मार्गशीर्ष मास भगवान कृष्ण का प्रिय मास माना जाता है। रविवार का दिन सूर्य देव को समर्पित है। ऐसे में सूर्य पूजा, अन्नदान, स्नानदान और आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ विशेष पुण्यदायी माना जाता है। इस दिन सूर्य दोपहर 1:36 बजे तुला राशि से निकलकर वृश्चिक राशि में प्रवेश करता है, जिसे वृश्चिक संक्रांति कहते हैं। संक्रांति के दौरान स्नान और धार्मिक कार्यों का अत्यधिक महत्व है, क्योंकि संक्रांति के दौरान किए गए शुभ कार्यों का कई गुना फल मिलता है।
Panchang 16 November 2025, चंद्रमा दिन-रात कन्या राशि में गोचर करता है। कन्या राशि में चंद्रमा की स्थिति मन की एकाग्रता, कार्यक्षेत्र में सूक्ष्मता, विश्लेषणात्मक क्षमता में वृद्धि और निर्णय लेने में स्थिरता प्रदान करती है। जिन लोगों का चंद्र बल इस दिन प्रबल होता है, उन्हें इस दिन विशेष सफलता प्राप्त हो सकती है।

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Panchang 16 November 2025, आज का दिन विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि इस दिन कई शुभ योग बन रहे हैं—
अमृतसिद्धि योग
सर्वार्थसिद्धि योग
द्विपुष्कर योग (17 नवंबर की शुरुआत में)
अमृत काल
ब्रह्म मुहूर्त
इन योगों में शुभ कार्य करने से सफलता, समृद्धि और मानसिक शांति मिलती है। यह दिन विशेष रूप से व्यापारियों, विद्यार्थियों, नौकरीपेशा लोगों और आध्यात्मिक साधकों के लिए अत्यंत फलदायी माना जाता है। पंचांग 16 नवंबर 2025
Panchang 16 November 2025, रविवार को राहुकाल, यमगंड, गुलिक काल और दुर्मुहूर्त जैसे कुछ अशुभ मुहूर्त भी होते हैं। इन समयों में कोई भी नया कार्य, लेन-देन, यात्रा, निवेश या महत्वपूर्ण निर्णय स्थगित करना शुभ माना जाता है। राहुकाल विशेष रूप से अशुभ ग्रहों के प्रभाव को दर्शाता है, इसलिए इस अवधि को सकारात्मक कार्यों के लिए वर्जित माना जाता है।
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Panchang 16 November 2025, कन्या राशि में चंद्रमा के होने से मेष, कर्क, कन्या, वृश्चिक, धनु और मीन राशि वालों को चंद्र बल प्राप्त होगा। इन 6 राशियों के लिए यह दिन विशेष रूप से लाभकारी रहेगा। वहीं, धनिष्ठा, शतभिषा और पूर्वाभाद्रपद के पहले 3 चरणों में जन्मे जातकों पर आज चंद्राष्टक का प्रभाव रहेगा, इसलिए उन्हें कुछ सावधानियां बरतने की आवश्यकता है।
यह विस्तृत जानकारी आपको आज के दिन का सर्वोत्तम उपयोग करने में मदद करेगी, चाहे आप आध्यात्मिक, धार्मिक, पेशेवर या व्यक्तिगत किसी भी क्षेत्र में कोई निर्णय लेना चाह रहे हों।

आज का पंचांग:
तिथि
कृष्ण पक्ष द्वादशी — 02:37 पूर्वाह्न (16 नवंबर) से 04:47 पूर्वाह्न (17 नवंबर)
त्रयोदशी — 04:47 पूर्वाह्न (17 नवंबर) से 07:12 पूर्वाह्न (18 नवंबर)
नक्षत्र
हस्त — 15 नवंबर, रात्रि 11:34 से 17 नवंबर, रात्रि 02:11
चित्र — 17 नवंबर, रात्रि 02:11 से 18 नवंबर, प्रातः 05:01
योग
विष्कुंभ — 15 नवंबर, प्रातः 06:25 – 16 नवंबर, प्रातः 06:46
प्रीति — 16 नवंबर, प्रातः 06:46 – 17 नवंबर, प्रातः 07:22
करण
कौलव — 16 नवंबर, प्रातः 02:37 – 03:40 अपराह्न
तितली — दोपहर 3:40 – 17 नवंबर, सुबह 4:48
गर — 17 नवंबर, सुबह 4:48 – शाम 5:59
सूर्य और चंद्रमा
सूर्योदय: सुबह 6:20
सूर्यास्त: शाम 5:05
चंद्रोदय: सुबह 2:43
चंद्रास्त: दोपहर 2:42
सूर्य राशि
सूर्य दोपहर 1:36 बजे तक तुला
इसके बाद वृश्चिक राशि (वृश्चिक संक्रांति) में प्रवेश होगा।
चंद्र राशि
चंद्रमा पूरे दिन और रात कन्या राशि में है
अशुभ समय
राहुकाल: दोपहर 03:44 बजे से शाम 05:05 बजे तक
यमगंड: 11:42 पूर्वाह्न – 01:03 अपराह्न
गुलिक: 02:24 अपराह्न – 03:44 अपराह्न
दुर्मुहूर्त: 03:39 PM – 04:22 PM
उदाहरण: प्रातः 08:53 – प्रातः 10:39
अच्छा समय
अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:21 बजे से दोपहर 12:04 बजे तक
अमृत काल: 07:31 PM – 09:17 PM
ब्रह्म मुहूर्त: प्रातः 04:44 – प्रातः 05:32
शुभ योग
अमृतसिद्धि योग: 06:20 पूर्वाह्न – 02:10 पूर्वाह्न (17 नवंबर)
सर्वार्थसिद्धि योग: 06:20 AM – 02:10 पूर्वाह्न (17 नवंबर)
द्विपुष्कर योग: 17 नवंबर, 02:11 पूर्वाह्न – 04:48 पूर्वाह्न
चंद्रबल
Panchang 16 November 2025, चंद्रबल आज निम्नलिखित राशियों के लिए लाभकारी रहेगा:
मेष, कर्क, कन्या, वृश्चिक, धनु, मीन
त्यौहार और व्रत
वृश्चिक संक्रांति
दिन की घड़ी
समय घड़ी फल
06:20 – 07:40 उद्वेग अशुभ
07:40 – 09:01 चर शुभ
09:01 – 10:22 लाभ अति शुभ
10:22 – 11:42 अमृत श्रेष्ठ
11:42 – 01:03 कल अशुभ
01:03 – 02:24 शुभ शुभ
02:24 – 03:44 रोग अशुभ
03:44 – 05:05 उद्वेग अशुभ

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
- आज कौन सी तिथि है?
आज मार्गशीर्ष कृष्ण पक्ष की द्वादशी है।
- आज कौन सा शुभ योग है?
आज अमृतसिद्धि योग और सर्वार्थसिद्धि योग है।
- राहुकाल कब है?
दोपहर 3:44 से शाम 5:05 बजे तक।
- सूर्य और चंद्रमा किस राशि में हैं?
सूर्य दोपहर 1:36 बजे के बाद वृश्चिक राशि में प्रवेश करेगा।
चंद्रमा आज कन्या राशि में है।
- आज कौन सा व्रत या त्योहार है?
आज वृश्चिक संक्रांति है।
(डिस्क्लेमर: विभिन्न स्थानों के अनुसार सूर्योदय और चंद्रोदय समय में थोड़ा अंतर हो सकता है।यह लेख धार्मिक मान्यताओं और ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित है। इसे किसी प्रकार की विधिक या ज्योतिषीय सलाह के रूप में न लें।यह ज़रूरी है कि किसी भी जानकारी या विश्वास को लागू करने से पहले, व्यक्तिगत एक्सपर्ट की सलाह ज़रूर ली जाए।)